गुरुग्राम जिला कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि

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नेहरू जी के राष्ट्रनिर्माण, लोकतांत्रिक मूल्यों और आधुनिक भारत के सपनों को किया गया याद

गुडग़ांव। कमान सराय स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और भावपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पंडित नेहरू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा देश के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महासचिव (संगठन) सूबे सिंह यादव ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और आधुनिक भारत के शिल्पकार को नमन किया।

इस अवसर पर मेयर प्रत्याशी रहीं सीमा पाहुजा, जिला उपाध्यक्ष सीमा हुड्डा कटारिया, हरकेश प्रधान, विकास हुड्डा, राजीव यादव, मास्टर महेंद्र सैन, भोले गुज्जर, सुशीला सहरावत, महावीर कन्हई, लोकेश कौशिक, पंकज मेहंदीरत्ता, सतीश सांगवान, सुनीता तोमर, नरेश वशिष्ठ, सुनील चौहान, मनोज आहुजा, भूपेश कुमार, कार्तिक गहलोत, ओमप्रकाश खरेरा सहित अनेक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

अपने संबोधन में जिला महासचिव (संगठन) सूबे सिंह यादव ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू केवल स्वतंत्रता संग्राम के महानायक ही नहीं थे, बल्कि वे आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखने वाले दूरदर्शी राष्ट्रनायक भी थे। उन्होंने कहा कि नेहरू जी ने वैज्ञानिक सोच, लोकतांत्रिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित भारत की परिकल्पना की थी, जो आज भी देश के विकास की आधारशिला बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि आईआईटी, एम्स, भाखड़ा नंगल बांध, बड़े सार्वजनिक उपक्रमों और पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से नेहरू जी ने भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए। उनका मानना था कि शिक्षा, विज्ञान और सामाजिक समानता के बिना लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।

सूबे सिंह यादव ने नेहरू जी की विदेश नीति और गुटनिरपेक्ष आंदोलन में उनकी भूमिका को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत को विश्व मंच पर एक सम्मानजनक पहचान दिलाई तथा विश्व शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए निरंतर प्रयास किए।

उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू बच्चों से विशेष स्नेह रखते थे और उन्हें देश का भविष्य मानते थे। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नेहरू जी द्वारा किए गए सामाजिक और शैक्षणिक सुधारों ने महिलाओं, युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया। उनके विचार आज भी देश को प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और समावेशी दिशा देने में मार्गदर्शक बने हुए हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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