गुडग़ांव, 25 मई (अशोक)। उद्योग विहार स्थित मारुति सुजूकी कामगार यूनियन के पूर्व महासचिव एवं वरिष्ठ श्रमिक नेता कुलदीप जांघू के आकस्मिक निधन से औद्योगिक क्षेत्र और श्रमिक संगठनों में शोक की लहर फैल गई। उनके निधन को मजदूर आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
कुलदीप जांघू का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव दौलताबाद स्थित मोक्ष धाम परिसर में किया गया। अंतिम यात्रा और संस्कार में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी, श्रमिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रमिक संगठन एटक के राज्य महासचिव अनिल पंवार ने कहा कि कुलदीप जांघू एक कर्तव्यनिष्ठ, मिलनसार और संघर्षशील श्रमिक नेता थे। उन्होंने मजदूर आंदोलनों में हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। ट्रेड यूनियन काउंसिल (टीयूसी) के सक्रिय सदस्य के रूप में उन्होंने श्रमिक हितों के लिए लगातार आवाज बुलंद की और अपने नेतृत्व से संगठन को नई दिशा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि कुलदीप जांघू का निधन केवल उनके परिवार या संगठन की ही नहीं, बल्कि पूरे मजदूर आंदोलन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में श्रमिक नेता अशोक यादव, श्रवण कुमार गुप्ता, नरेश प्रधान, राजेश कुमार, पवन कुमार, नरेश, सतीश धानिया, अशोक कुमार, प्रवीण जांगड़ा, सुरेन्द्र जांगड़ा, रोहतास, हरीश कुमार, मनोज कुमार, दौलत राम, राजेश शर्मा, प्रकाश, जसबीर, अतुल कुमार और राजपाल सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।








