NCRB आंकड़ों को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, बेरोजगारी और मानसिक तनाव को बताया बड़ी वजह
चंडीगढ़, 11 मई 2026। राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश में बढ़ती आत्महत्याओं के मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘सुशासन’ और ‘विकास’ का दावा करने वाली सरकार ने हरियाणा को निराशा, अवसाद और असुरक्षा के ऐसे दौर में धकेल दिया है, जहां आम नागरिक का जीवन लगातार संकट में पड़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि NCRB के हालिया आंकड़े बेहद भयावह और चिंता पैदा करने वाले हैं। वर्ष 2024 में हरियाणा में 3360 लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने का तथ्य इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रदेश का युवा, किसान, छात्र और आम नागरिक मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबावों के बोझ तले टूट चुका है। यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की पीड़ा है, जिन्हें व्यवस्था की विफलताओं ने असहाय बना दिया।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हर दिन औसतन 9 आत्महत्याएं होना किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक तनाव ने प्रदेश की जनता की उम्मीदों को कुचल दिया है।
उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक स्थिति युवाओं और छात्रों की है। NCRB के अनुसार 284 छात्रों ने भविष्य की असुरक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और बेरोजगारी से परेशान होकर आत्महत्या की। वहीं 678 लोगों ने बीमारी, महंगे इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण अपनी जान दे दी। यह सरकार की स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा नीतियों की विफलता को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के विपरीत प्रदेश में एक लाख की आबादी पर एक पूरा डॉक्टर भी उपलब्ध नहीं है। सरकारी अस्पतालों में मनोचिकित्सकों और काउंसलिंग सुविधाओं की भारी कमी है, जिसके कारण मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को समय पर सहायता नहीं मिल पा रही।
राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या यही उनके तथाकथित विकास मॉडल का असली चेहरा है? क्या बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक संकट ने लोगों को मौत की ओर धकेलने का काम नहीं किया? उन्होंने पूछा कि जब नागरिक मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे, तब सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए?
उन्होंने कहा कि विज्ञापनों और प्रचार अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार को अब उन हजारों परिवारों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया।
अंत में राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा का आम आदमी अब इस घुटन और असुरक्षा से भरे माहौल से परेशान हो चुका है और युवाओं, किसानों तथा आम नागरिकों को निराशा में धकेलने वाली इस सरकार से जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब जरूर मांगेगी।









