नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल ने जीएमडीए की शहरव्यापी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पहलों की समीक्षा की
स्टॉर्म वॉटर नेटवर्क और ड्रेनेज क्षमता को मजबूत करने पर विशेष जोर
जीएमडीए ने शहरभर में बाढ़ प्रबंधन तैयारियों को जमीनी स्तर पर और तेज किया
गुरुग्राम, 7 मई 2026: नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) श्री अनुराग अग्रवाल ने आज गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. सी. मीणा सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान एसीएस ने शहर में चल रही विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी चर्चा की।
मानसून को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या को रोकने और बरसाती पानी की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किए जाएं। साथ ही, शहर के संवेदनशील क्षेत्रों और चिन्हित जलभराव स्थलों की लगातार निगरानी करते हुए समय रहते सभी निवारक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा के दौरान, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि जमीनी स्तर पर काम पूरी गति से चल रहा है और मानसून की तैयारियों को मजबूत करने के लिए शहर भर में कई टीमें तैनात की गई हैं। प्रमुख सड़कों और बरसाती नालों की व्यापक सफाई का काम जारी है, साथ ही रोड गलियों के निर्माण और सतही जल निकासी व्यवस्था में सुधार भी किया जा रहा है ताकि बारिश के पानी को मुख्य जल निकासी प्रणाली में सुचारू रूप से बहाया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन बेल्ट और सड़कों से भारी मात्रा में गाद, मलबा और बागवानी अपशिष्ट हटाने का कार्य जारी है, जिससे बरसात के दौरान नालों में पानी के प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न आए। विभिन्न स्थानों पर सतही नालों और मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों के बीच कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे ड्रेनेज क्षमता में सुधार होगा। इन कार्यों की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों ने आगे जानकारी दी कि कई महत्वपूर्ण ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इनमें वाटिका चौक से एनएच-48 तक लेग-4 ड्रेन का निर्माण तथा सेक्टर 68-75, 76-80 और 112-115 में स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क बिछाने के कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर की जल निकासी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नरसिंहपुर क्षेत्र में होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नरसिंहपुर से बादशाहपुर ड्रेन तक मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण भी प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, मेदांता रोड पर ताऊ देवी लाल स्टेडियम के निकट बनाए जा रहे मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन से बरसाती पानी निकासी में सुधार होगा तथा इस सड़क पर जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की नियमित सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार किया जा रहा है, ताकि नालों में किसी प्रकार की रुकावट न हो। मानसून अवधि के दौरान रोड गलियों और वॉटर ट्रैप्स की चौबीसों घंटे सफाई सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मैनवॉपर भी तैनात किए जाएंगे, जिससे बरसाती पानी की त्वरित निकासी संभव हो सके।
ड्रेनेज कार्यों के अतिरिक्त, एसीएस ने गुरुग्राम में जीएमडीए द्वारा किए जा रहे मास्टर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के एकीकृत उन्नयन एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि शहर के कई प्रमुख मार्गो पर फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, सर्विस रोड, ग्रीन बेल्ट और अन्य शहरी सुविधाओं के समग्र विकास कार्य जारी हैं, जिससे यातायात सुगम होगा, यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और शहर की सुंदरता में भी सुधार होगा। साथ ही प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एसीएस ने जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का भी दौरा किया तथा शहर में विभिन्न नागरिक सेवाओं के संचालन, निगरानी और प्रबंधन के लिए उपयोग में लाई जा रही स्मार्ट तकनीकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सीसीटीवी सर्विलांस नेटवर्क, स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम तथा ड्रेनेज, जलापूर्ति एवं सीवरेज से संबंधित कार्यों की निगरानी के लिए उपयोग किए जा रहे अन्य मॉनिटरिंग सिस्टम्स की कार्यक्षमता का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए तकनीक आधारित प्रणालियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।








