डीसी ने दिए निर्देश, स्कूलों में समन्वय के लिए तैनात हों विभागीय कर्मचारी और अभिभावकों को मिले दस्तावेज सत्यापन की रिसिप्ट

गुरुग्राम, 07 मई। हरियाणा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर दाखिला सुनिश्चित करने को लेकर डीसी ने वीरवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए आरटीई दाखिला प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा किसी भी पात्र बच्चे का दाखिला अनावश्यक कारणों से लंबित न रहे।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग की ओर से सभी पात्र अभिभावकों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर स्कूल में बुलाया जाए और उन्हें पहले से ही आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जाए, ताकि दाखिले की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न आए। उन्होंने कहा कि चूंकि दाखिला प्रक्रिया की अंतिम तिथि 9 मई निर्धारित की गई है। ऐसे में विभाग की ओर से प्रत्येक निजी स्कूल में एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए, जो अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच समन्वय स्थापित करते हुए दाखिला प्रक्रिया को तेज और सुचारू बनाए।
बैठक में डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों द्वारा दस्तावेज सत्यापन के बाद अभिभावकों को रिसिप्ट अवश्य दी जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि बिना वैध कारण के आरटीई के तहत प्रवेश से इनकार करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गुरुग्राम के एसडीएम हितेंद्र कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदु बोकन सहित विभिन्न पात्र लाभार्थियों के अभिभावक मौजूद रहे।








