विद्यालय प्रबंधन समितियों की सशक्त भूमिका से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चंडीगढ़, 6 मई- केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में  “विद्यालय प्रबंधन समितियों के लिए दिशा-निर्देश-2026” का शुभारंभ किया।

इस आयोजन में हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा वर्चुअल जुड़े।

इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि ‘समग्र शिक्षा योजना’ के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन शिक्षा के भविष्य के नजरिये से कारगर है। उन्होंने कहा कि ये समितियां केवल कागजी निकाय नहीं हैं, बल्कि शिक्षा के स्तर को धरातल पर सुधारने में इनका महत्वपूर्ण योगदान है।

मंत्री ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समितियों में स्थानीय अधिकारियों के प्रतिनिधि, प्रख्यात शिक्षाविद, विषय विशेषज्ञ और विशेष रूप से वंचित समूहों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, छात्रों के माता-पिता की भागीदारी इसे और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाती है।

उन्होंने कहा कि एसएमसी एक महत्वपूर्ण वैधानिक निकाय के रूप में कार्य करती हैं। यह एक ऐसा मंच है जहां अभिभावक, शिक्षक और समुदाय के सदस्य मिलकर विद्यालय के प्रभावी संचालन के लिए साझा रणनीति तैयार करते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय नियोजन, संसाधनों के उचित आवंटन और छात्रों के अधिगम परिणामों  में सुधार के लिए समितियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। यह तंत्र न केवल बुनियादी ढांचे की निगरानी करता है, बल्कि छात्रों के समग्र कल्याण को भी सुनिश्चित करता है।

श्री ढांडा ने जानकारी दी कि विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग  ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, समग्र शिक्षा और आरटीई अधिनियम, 2009 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए इन समितियों की स्थापना और कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत किया है।

बैठक के दौरान श्री ढांडा ने केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से विभिन्न शैक्षिक पहलुओं पर मार्गदर्शन भी प्राप्त किया और विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!