वेदप्रकाश विद्रोही बोले—आचार संहिता हटते ही आयुर्वेदिक कॉलेज/अस्पताल का गजट नोटिफिकेशन जारी करे सरकार
रेवाडी, 03 मई 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने रामगढ़ भगवानपुर में सरकारी अस्पताल की मांग को लेकर 320 दिनों से चल रहे धरने के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में समाप्त होने का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री ग्रामीणों से किए गए वादे पर खरा उतरते हुए यहां आयुर्वेदिक कॉलेज या अस्पताल की स्थापना करेंगे।
विद्रोही ने कहा कि नगर निकाय चुनावों के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है, इसलिए फिलहाल खुले तौर पर कुछ नहीं कहा जा रहा, लेकिन धरना स्थल पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत में आयुर्वेदिक कॉलेज या अस्पताल बनाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, ऐसे में भविष्य को लेकर पूरी तरह कुछ कहना मुश्किल है, फिर भी उम्मीद है कि ग्रामीणों की 320 दिनों की तपस्या रंग लाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि नगर निकाय चुनाव संपन्न होने और आचार संहिता हटने के तुरंत बाद सरकार विधिवत निर्णय लेकर न केवल आयुर्वेदिक कॉलेज या अस्पताल की घोषणा करे, बल्कि निर्माण कार्य की तिथि भी तय करे।
विद्रोही ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के आश्वासन पर संदेह नहीं है, लेकिन अहीरवाल क्षेत्र की राजनीति, गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई के चलते इस आश्वासन के प्रभावित होने की आशंका जरूर है। उन्होंने याद दिलाया कि यह धरना राव इन्द्रजीत सिंह द्वारा कथित रूप से जिला सरकारी अस्पताल के वादे से पीछे हटने के बाद शुरू हुआ था और 320 दिन बाद यह धरना उनके विरोधी माने जाने वाले मंत्री राव नरबीर सिंह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री के आश्वासन के साथ समाप्त हुआ।
इसी घटनाक्रम के मद्देनज़र विद्रोही ने आशंका जताई कि कहीं यह घोषणा स्थानीय राजनीति की भेंट न चढ़ जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि 13 मई को नगर निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद 14 या 15 मई को रामगढ़ भगवानपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज या अस्पताल का गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाए, ताकि यह मुद्दा औछी राजनीति से ऊपर उठकर जमीन पर साकार हो सके।








