आपसी सहमति, संवाद और मध्यस्थता से विवादों के समाधान पर रहेगा फोकस
विशेष लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों के निस्तारण को मिलेगी गति
गुरुग्राम, 29 अप्रैल- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम द्वारा हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में “समाधान संघर्ष निवारक राष्ट्रीय अभियान” का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि लंबित विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सके।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुरुग्राम राकेश कादियान ने बताया कि इस अभियान के तहत लंबित मामलों को आपसी सहमति, संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका मकसद लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बजाय सरल, प्रभावी और समयबद्ध विवाद निस्तारण को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान 21 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 23 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत आयोजित विशेष लोक अदालतों में इसका समापन होगा। इस दौरान उपयुक्त लंबित मामलों की पहचान कर पक्षकारों को प्री-लोक अदालत सुलह बैठकों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान के सफल संचालन के लिए न्यायिक अधिकारियों, विधिक सेवा संस्थाओं, अधिवक्ताओं, वादकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। विवादों के समाधान के लिए प्रशिक्षित मध्यस्थों और सुलहकर्ताओं की सेवाएं ली जा रही हैं। आवश्यकता के अनुसार वर्चुअल और हाइब्रिड सुनवाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
राकेश कादियान ने आमजन और वादकारियों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान करवाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल लंबित मामलों के निस्तारण में सहायक होगी, बल्कि न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, मानवीय और समयबद्ध बनाकर जनता के विश्वास को भी मजबूत करेगी।









