कहा- मात्र 21 माह में ही वापस ले ली आईटी सक्षम युवा योजना
चंडीगढ़, 29 अप्रैल। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार पर युवाओं के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों की एक और सच्चाई सामने आई है, जहां 60,000 युवाओं को रोजगार का सपना दिखाकर शुरू की गई योजना को मात्र 21 महीनों में ही वापस ले लिया गया।
कुमारी सैलजा ने कहा है कि बड़े-बड़े दावे कर योजनाएं शुरू करना और फिर बिना ठोस परिणाम दिए उन्हें बंद कर देना यह दर्शाता है कि सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीरता। हरियाणा का युवा पहले ही बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह के फैसले युवाओं के साथ सीधा अन्याय हैं। सांसद ने कहा कि युवाओं को रोजगार देेने के लिए सरकार ने 12 जुलाई 2024 को आईटी सक्षम युवा योजना शुरू की थी, यह योजना सरकार ने हरियाणा को आईटी हब के रूप में विकसित करने को लेकर की थी। जिसके तहत 18 से 35 साल के युवाओं को तीन माह की ट्रेनिंग देकर दो साल तक उन्हें 20 से 25 हजार रुपये प्रति माह मानदेय देना था। पर युवा सरकार की इस योजना को लेकर सपना ही देखते रह गए और सरकार ने अचानक योजना बंद कर दी।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यह केवल एक योजना की विफलता नहीं, बल्कि सरकार की कार्यप्रणाली और सोच की भी विफलता है। भाजपा सरकार ने रोजगार के नाम पर केवल घोषणाएं कीं, लेकिन जब ज़मीनी स्तर पर परिणाम देने की बात आई तो पीछे हट गई। इससे प्रदेश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने 1,18,000 कौशल विकास योजना के कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं किया गया। यह कर्मचारियों और युवाओं के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दावों के विपरीत प्रदेश में लगभग 2 लाख सरकारी पद आज भी खाली पड़े हैं, लेकिन उन्हें भरने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। बार-बार युवाओं से वादे करके सरकार अपने वादों से मुकर रही है।
सांसद सैलजा ने कहा कि सरकार की इसी उदासीनता और बेरोजगारी के कारण युवा वर्ग निराश होकर गलत रास्तों की ओर बढ़ रहा है, जो एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है। सरकार न तो युवाओं को रोजगार दे रही है साथ ही रोजगार के सारे रास्ते बंद कर रही है। जो युवा पहले से ही एचकेआरएन के तहत कार्यरत है उन्हें भी नौकरी से हटाने की साजिश की जा रही है, कुछ विभागों में हटा भी दिए गए है। रोजगार की कोई गांरटी नहीं है। सांसद ने सरकार से मांग की कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए, खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए और रोजगार के क्षेत्र में ठोस व स्थायी नीतियां बनाई जाएं, ताकि प्रदेश के युवाओं को वास्तविक अवसर मिल सकें।








