नागरिकों और नगर निगम के बीच मजबूत कड़ी बनी वार्ड समितियां — मेयर राजरानी मल्होत्रा

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स्थानीय सहभागिता, निगरानी और स्वच्छता को बढ़ावा देने में वार्ड समितियों की अहम भूमिका — निगमायुक्त प्रदीप दहिया

गुरुग्राम, 16 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वीरवार को शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों में गठित वार्ड समिति सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में गुरुग्राम जिले से नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद सोहना, पटौदी-जटौली मंडी तथा नगर पालिका फर्रूखनगर की वार्ड समितियों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सेक्टर-51 स्थित गुरुग्राम विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा ने की। इस अवसर पर निगमायुक्त प्रदीप दहिया सहित अन्य अधिकारीगण एवं पार्षद भी उपस्थित रहे।

शहरी प्रबंधन में वार्ड समितियों की बढ़ती अहमियत

शहरों के प्रभावी प्रबंधन और नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में वार्ड समितियां अहम भूमिका निभा रही हैं। हरियाणा नगरपालिका नागरिक सहभागिता अधिनियम, 2008 के तहत गठित ये समितियां नागरिकों और प्रशासन के बीच एक सशक्त संवाद सेतु के रूप में उभरी हैं। वार्ड स्तर पर ये समितियां न केवल स्थानीय समस्याओं की पहचान करती हैं, बल्कि उनके समाधान में भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करती हैं। इससे विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलती है और सेवा वितरण अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनता है।

वार्ड समिति एक स्थानीय इकाई के रूप में कार्य करते हुए नागरिकों और नगर निगम के बीच सीधा संवाद स्थापित करती है। यह समिति सेवाओं की निगरानी, समस्याओं की पहचान और सुधारात्मक कदमों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी

वार्ड समितियों का प्रमुख उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही ये समितियां स्वच्छता, जल निकासी, सड़क रखरखाव सहित अन्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी करती हैं और वार्ड स्तर पर जवाबदेही स्थापित करती हैं।

स्वच्छ भारत अभियान जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। यह स्पष्ट है कि जब तक वार्ड स्तर पर मजबूत निगरानी नहीं होगी, तब तक शहर-स्तरीय योजनाएं पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकतीं।

अधिकारों के साथ बढ़ी जवाबदेही

वार्ड समितियों को स्थानीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कई अधिकार दिए गए हैं। इनमें नगर पालिका के बजट को समझना और सुझाव देना, भूमि उपयोग में बदलाव पर राय देना, योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त करना तथा अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेना शामिल है। ये अधिकार न केवल पारदर्शिता को बढ़ाते हैं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत करते हैं।

स्वच्छता में वार्ड समितियों की निर्णायक भूमिका

स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में वार्ड समितियां महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इनके माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण की निगरानी, गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा, जागरूकता अभियान चलाना, कचरा फेंकने पर रोक और शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी दी जा रही है। इन प्रयासों से “वेस्ट फ्री वार्ड” का लक्ष्य प्राप्त करना संभव हो सकेगा।

मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि वार्ड समितियां नागरिकों और नगर निगम के बीच मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं और इनके माध्यम से जनभागीदारी को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर नगर निगम गुरुग्राम क्षेत्र में 1 मई से दो सप्ताह का विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें वार्ड समितियों के सभी सदस्य सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सहभागिता, निगरानी और स्वच्छता को बढ़ावा देने में वार्ड समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनके सशक्तिकरण से शहरी सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार संभव है।

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Author: Bharat Sarathi

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