श्री अवधूत आश्रम, कुरुक्षेत्र में रुद्रचंडी महायज्ञ का शुभारंभ, देश-विदेश से संतों का आगमन
थानेसर, 29 मार्च (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी): श्री अवधूत आश्रम में परम पूज्य परमहंस ज्ञानेश्वर जी महाराज की अनुकंपा से बड़े गुरु जी अवधूत जी महाराज के बोध दिवस एवं आश्रम स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रविवार से रुद्रचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।
महायज्ञ का विधिवत पूजन डॉ. सत्यम कौशिश द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद एवं ज्योतिष शास्त्रों में रुद्रचंडी महायज्ञ का विशेष महत्व बताया गया है। यह महायज्ञ असाध्य रोगों के निवारण और समस्त कष्टों से मुक्ति दिलाने में सहायक माना जाता है।
आश्रम की स्वामी डॉ. गार्गी जी महाराज ने जानकारी दी कि प्रातः 8 बजे से पूजन प्रारंभ हुआ। उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ में संत महामंडल की संरक्षक एवं विभिन्न राज्यों में स्थापित मठ-मंदिरों की परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी विद्यागिरि जी महाराज सहित देश-विदेश से अनेक संत-महात्मा भाग लेने पहुंच रहे हैं।
महायज्ञ प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा, जबकि सायं 7 बजे आरती की जाएगी। यज्ञ का संचालन उत्तर भारत के प्रख्यात यज्ञाचार्य पंडित सोम दत्त भारद्वाज के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
इस अवसर पर षडदर्शन साधु समाज के संगठन सचिव वैद्य पंडित प्रमोद कौशिक, देवप्रयाग से पंडित कृष्ण मोहन शुक्ला, गोरखपुर से आचार्य शिवम, प्रोफेसर डॉ. सपना, स्वामी मंगल मूर्ति, स्वामी महातपा, चेतन मुनि, उमेश गर्ग, अमित कौशिश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और यज्ञ में आहुतियां डालीं।








