हरियाणा राज्यसभा चुनाव पर विद्रोही का हमला, लोकतंत्र और संविधान पर खतरे का आरोप

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वोट खरीद-फरोख्त और कथित वोट रद्द करने को बताया लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती

चंडीगढ़/रेवाडी – 29 मार्च 2026 – स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश में लोकतंत्र और संविधान को सत्ता के बल पर सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि यदि आम जनता ने इस स्थिति का संज्ञान नहीं लिया तो लोकतंत्र केवल नाम मात्र का रह जाएगा और संविधान केवल अलमारियों की शोभा बनकर रह जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्यसभा चुनाव में सत्ता बल और चुनाव प्रक्रिया के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल विधायकों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें “वोट चोरी” जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। विद्रोही के अनुसार, विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग तरीकों से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

विद्रोही ने यह भी कहा कि कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा पार्टी लाइन के विपरीत मतदान करना एक अहम पहलू है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ विधायकों ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार की, जबकि अन्य अब भी अपने कृत्य को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने जजपा नेता दुष्यंत चौटाला के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयास हुए थे, जो पूरे प्रकरण को और गंभीर बनाता है।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि जब भाजपा को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, तो चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी आधारों का सहारा लेकर विपक्ष के कुछ विधायकों के वोट रद्द कर दिए गए, जिसे उन्होंने “वोट चोरी” करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारियों द्वारा अधिकारों के कथित दुरुपयोग ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्यसभा चुनाव एक ऐसा उदाहरण बन गया है, जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त और वोट रद्द करने के आरोप एक साथ सामने आए हैं। यदि इस पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो देश में लोकतंत्र और संविधान की स्थिति और कमजोर हो सकती है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!