किसानों और ग्रामीणों के आशियाने बचाने के लिए नवीन जयहिंद ने सरकार को घेरा

सोनीपत 27 मार्च, 2026 – सोनीपत के गांव असावरपुर में जमीन अधिग्रहण व बुलडोजर की कार्रवाई के विरोध में किसान मोबाइल टावर पर चढ़ गया जिसके समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने ग्रामीणों और किसानों से मिले । इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा करीब 150 परिवारों के घरों को तोड़ने के मुद्दे पर तीखे सवाल उठाए।
जयहिंद ने टावर पर चढ़े सुनील के संघर्ष को किया सलाम
जयहिंद ने टावर पर चढ़े सुनील भाई की नाजुक हालत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सुनील शुगर के मरीज हैं और अपनी जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
जिला प्रशासन पर अवैध तोड़फोड़ का आरोप
नवीन जयहिंद ने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घर तोड़ना कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना चाहिए था।
भूमि अधिग्रहण में बड़ा खेल खेला गया : जयहिंद
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने जहाँ इन जमीनों को कौड़ियों के दाम (लगभग 12.5 लाख रुपये प्रति एकड़) पर अधिग्रहित किया था, वहीं अब मौजूदा सरकार इसे 40,000-45,000 रुपये प्रति गज के हिसाब से बेच रही है। इससे तो जहां कांग्रेस के पूर्व सीएम को लोग डीलर भी रहे है वहीं अब मुख्यमंत्री सैनी बिल्डर बन गए जयहिंद ने कहा कि गरीब किसान अपने काम धंधे में लगे हुए हैं सरकार इन्हें क्यों परेशान कर रही है पूरे हरियाणा में जहां भी ऐसे मुद्दे है उन्हें सरकार को तुरंत हल करना चाहिए
स्थानीय नेतृत्व पर भी जयहिंद ने उठाएं सवाल
जयहिंद ने स्थानीय विधायक और नेताओं की चुप्पी पर हैरानी जताई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि चुनाव होते तो यही नेता लोगों के चरणों में होते, लेकिन आज किसी को किसानों की सुध नहीं है।
ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा से जयहिंद की अपील
उन्होंने मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बड़खालसा को याद दिलाया कि वे भी कभी आंदोलनों का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने उनसे अपनी “आंदोलनकारी आत्मा” जगाने और इन घरों को बचाने की अपील की।
जयहिंद ने दे डाली सरकार को चेतावनी
नवीन जयहिंद ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के इन घरों को गिराया गया, तो ग्रामीण और किसान अपने बच्चों और सामान के साथ मुख्यमंत्री के कुरुक्षेत्र स्थित आवास या चंडीगढ़ कूच करेंगे। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि जिस तरह बड़खालसा गाँव के लिए विशेष नीति लाई गई थी, वैसी ही नीति इस गाँव के लिए भी लागू की जाए
वहीं जयहिंद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी किसान को कुछ होता है तो उसका सीधा पाप ओर जिम्मेवारी मुख्यमंत्री की होंगी उन्होंने नवरात्रो का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को मंदिरों में हाथ जोड़ने के साथ साथ जनता के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए, वहीं जयहिंद ने कहा कि सरकार को भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में समानता लाई जानी चाहिए । खाली पड़ी सरकारी जमीनों का सदुपयोग किया जाए, न कि किसानों को उनकी उपजाऊ भूमि से वंचित किया जाए।









