रेवाड़ी में विकास ‘घोषणाओं’ तक सीमित? विद्रोही ने भाजपा विधायकों से मांगा बजट का हिसाब

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कहा—घोषणाओं को “तोहफा” बताने से पहले बताएं कितनी राशि स्वीकृत, कब तक होंगे पूरे काम

रेवाड़ी, 22 मार्च 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने रेवाड़ी, बावल और कोसली के भाजपा विधायकों से हरियाणा बजट 2026 में की गई घोषणाओं का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को “तोहफा” बताकर प्रचारित किया जा रहा है, उनके लिए बजट में कितनी राशि निर्धारित की गई है और उन्हें कब तक पूरा किया जाएगा, यह भी जनता को बताया जाना चाहिए।

विद्रोही ने कहा कि केवल घोषणाओं के आधार पर विकास के दावे करना आसान है, लेकिन जब तक योजनाओं के लिए ठोस बजट प्रावधान नहीं होता, तब तक ये घोषणाएं जुमले बनकर रह जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पिछले 11 वर्षों के शासनकाल में ऐसी कई परियोजनाएं या तो अधूरी पड़ी हैं या शुरू ही नहीं हो पाई हैं।

उन्होंने कहा कि चाहे पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कार्यकाल रहा हो या वर्तमान में नायब सिंह सैनी का, अहीरवाल क्षेत्र को विकास के बड़े-बड़े सपने तो दिखाए गए, लेकिन बजट के अभाव में अधिकांश योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं।

विद्रोही ने सवाल उठाया कि जब किसी योजना के लिए बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान ही नहीं होता, तो ऐसी घोषणाओं और चुनावी वादों में कोई अंतर नहीं रह जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वर्षों पुरानी परियोजनाओं का एक साथ उद्घाटन कर विकास का दिखावा करती है, जबकि उनके लंबे समय से लंबित होने की जानकारी नहीं दी जाती।

उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में पिछले करीब दस वर्षों से 200 बेड के अस्पताल और पेयजल टैंक के निर्माण की घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन अब तक ये परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकीं। इसके बावजूद अस्पताल को 300 बेड का बनाने की नई घोषणा कर दी गई है।

इसी तरह रेवाड़ी में रैपिड मेट्रो लाने का वादा भी वर्षों से किया जा रहा है, लेकिन इसकी कोई समयसीमा स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की बात तो होती है, लेकिन बजट आवंटन के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ता।

विद्रोही ने मांग की कि भाजपा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में घोषित परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति, बजट आवंटन और समयसीमा सार्वजनिक करें, ताकि विकास के दावों की सच्चाई जनता के सामने आ सके।

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Author: Bharat Sarathi

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