-घग्गर नदी का बढ़ता प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय
-कैंसर के बढ़ते खतरे पर ठोस नीति और नजदीकी कैंसर अस्पतालों की जरूरत
चंडीगढ़, 14 मार्च। सिरसा की सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ अब हरियाणा भी तेजी से कैंसर प्रभावित प्रदेश बनता जा रहा है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में प्रतिदिन औसतन 68 लोगों और हरियाणा में लगभग 50 लोगों की मृत्यु कैंसर के कारण हो रही है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र सिरसा और आसपास के क्षेत्रों में कैंसर के बढ़ते मामलों का मुद्दा संसद में भी उठाया है और लगातार इसके प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करती रही हैं। इसके बावजूद सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में कैंसर के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। घग्गर नदी में बढ़ता प्रदूषण, जल स्रोतों की खराब गुणवत्ता, औद्योगिक अपशिष्ट और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग इस समस्या के प्रमुख कारण बन रहे हैं। यदि समय रहते इन कारणों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को घग्गर नदी के प्रदूषण को रोकने और उसकी सफाई के लिए ठोस एवं कारगर कदम उठाने चाहिए। साथ ही घग्गर के किनारे बसे जिलों सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल और अंबाला के नजदीकी शहरों में कैंसर के उपचार के लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएँ और आधुनिक कैंसर अस्पताल स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके और उन्हें दूर-दराज के बड़े शहरों में भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि आज कैंसर कोई दुर्लभ बीमारी नहीं रह गया है। लगभग हर गांव और हर शहर में कोई न कोई व्यक्ति इससे प्रभावित दिखाई देता है। इसलिए अब समय आ गया है कि इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए सरकार पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ जल स्रोत, प्रदूषण नियंत्रण और बेहतर स्वास्थ्य ढांचे को लेकर दीर्घकालिक और प्रभावी नीति बनाए। कुमारी सैलजा ने सरकार से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे को प्राथमिकता दे और प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए।









