कनेक्टिविटी मजबूत होने से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा, निवेश और निर्यात में आएगी तेजी
टियर 2 और टियर 3 शहर बनेंगे नए औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब
विकसित भारत विजन को मजबूती, रोजगार और रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा*
गुरुग्राम, 21 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा अगले पांच वर्षों में देशभर में 50 नए एयरपोर्ट विकसित करने की घोषणा को इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, व्यापार सुगमता और औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के चेयरमैन दीपक मैनी ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि नए भारत के आत्मविश्वास, विकास और वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ता हुआ सशक्त कदम है। इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजनेस और इंडस्ट्री के इस समन्वित विकास मॉडल से भारत निश्चित रूप से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
फेडरेशन के चेयरमैन ने कहा कि वर्तमान में देश में 165 सक्रिय एयरपोर्ट संचालित हैं और औसतन हर 33 दिन में एक नया एयरपोर्ट या टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। यह केवल विमानन क्षेत्र का विस्तार नहीं, बल्कि मल्टी सेक्टोरल ग्रोथ का मजबूत आधार है, जो लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट, पर्यटन, रियल एस्टेट और एमएसएमई सेक्टर को नई गति देगा।
उन्होंने कहा कि 50 नए एयरपोर्ट देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ेंगे। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट घटेगी और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही तेज होगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ठोस मजबूती मिलेगी। दीपक मैनी ने कहा कि एयरपोर्ट विकास से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निर्माण, स्टील, सीमेंट, इलेक्ट्रिकल, आईटी, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर में व्यापक रोजगार सृजन होगा। इससे स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को भी नए अवसर मिलेंगे। एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले एरो सिटी, वेयरहाउसिंग हब और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स क्षेत्रीय आर्थिक विकास के नए केंद्र बनेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक रियल एस्टेट सेक्टर के 1000 अरब डॉलर तक पहुंचने और वर्ष 2047 तक 5000 से 7000 अरब डॉलर के बीच पहुंचने के अनुमान को देखते हुए एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एक निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह पहल प्रधानमंत्री के टुवर्ड्स विकसित भारत विजन विजन को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। प्रोग्रेसिव फेडरेशन का मानना है कि मजबूत एविएशन नेटवर्क से भारत वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आकर्षित होगा और भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होगा।









