अंत्योदय और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – राज्यपाल
एकता, राष्ट्रभक्ति और ‘सबका साथ–सबका विकास’ राज्य की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करेंगे – राज्यपाल
चंडीगढ़, 20 फरवरी – हरियाणा विधानसभा के 15वें विधानसभा सत्र के बजट सत्र के प्रथम दिन आज सदन को संबोधित करते हुए हरियाणा के राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार राजनीतिक शक्ति को जनसेवा का माध्यम मानती है और इसे समाज के अंतिम एवं सबसे निचले पायदान पर खड़े परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में समर्पित भाव से उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट सत्र सार्थक विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी बनेगा। राज्यपाल ने पुनः दोहराया कि सरकार गरीबों के जीवन स्तर में सुधार, किसानों और युवाओं के सशक्तिकरण तथा प्रत्येक नागरिक को गरिमा, सुरक्षा और अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि भारत के राष्ट्रीय गीत, ‘वंदे मातरम्’ के हाल ही में 150 वर्ष पूरे हुए हैं। यह गीत भारत की आत्मा है और भारत माता के प्रति हमारे समर्पण की अमर गाथा है। हरियाणा की धरा हमेशा से राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रही है। ‘वंदे मातरम्’ का भाव हमारी संस्कृति, लोकगीतों और जीवनशैली में सहज रूप से समाया हुआ है। देश भर में हमारे राज्य के लोगों को खाद्य सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और ओलंपिक मेडल दिलाने के लिए सराहा जाता है। हमारे किसान, सैनिक और खिलाड़ी हमेशा ‘वंदे मातरम्’ की भावना से प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के जीवन को बेहतर बनाना, किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को रोज़गार देना और महिलाओं का सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करना ही देश की सच्ची सेवा तथा ‘वंदे मातरम्’ की सच्ची अभिव्यक्ति है।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दिए गए मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को सुशासन का आधार बनाया है। यह हम सबका सपना है कि जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 साल पूरे करेगा, तब तक यह एक विकसित, आत्मनिर्भर और दुनिया में सबसे आगे रहने वाला देश होगा। इस राष्ट्रीय संकल्प में हरियाणा की भूमिका बहुत अहम होगी। इसलिए, ‘हरियाणा विज़न डॉक्यूमेंट-2047’ तैयार किया है। हरियाणा विज़न डॉक्यूमेंट का लोकार्पण गत 24 दिसंबर, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा पंचकूला में किया गया। यह डॉक्यूमेंट वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था के रूप में दृढ़ता से स्थापित करने के लिए रणनीतिक ब्लूप्रिंट है। इस डॉक्यूमेंट में ‘विकसित हरियाणा’ बनाने के लिए छ: मुख्य संकल्प हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी का ‘अंत्योदय दर्शन’ संवेदनशील शासन की नैतिक प्रतिबद्धता है। इस मार्ग पर चलते हुए सोशल सिक्योरिटी पेंशन अब प्रो-एक्टिव मोड में दी जा रही हैं। परिवार पहचान पत्र के डेटा के ज़रिए योग्य लाभार्थियों की पहचान की जाती है और बिना किसी एप्लीकेशन या सरकारी ऑफिस के चक्कर लगाए पात्रता होने पर पेंशन स्वतः शुरू हो जाती है। हरियाणा देश में सबसे अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने वाले राज्यों में से एक है। वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को हर महीने 3,200 रुपये मिलते हैं। खास बात यह है कि दिव्यांगों के अधिकार अधिनियम-2016 के तहत दिव्यांगता की सभी 21 कैटेगरी को पेंशन स्कीम में शामिल किया गया है। थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसी बीमारियों के लिए अतिरिक्त वित्तीय मदद भी दी जा रही है।
श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को प्रभावी रूप से लागू किया है। इस योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की उन महिलाओं को प्रतिमाह 2100 रुपये की सहायता दी जा रही है, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। साथ ही, अब उन माताओं को भी योजना में शामिल किया गया है जो अपने बच्चों की शिक्षा, पोषण और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित कर रही हैं। अब तक 9 लाख 22 हजार 452 लाभार्थी बहनों के खातों में 4 किस्तों में 634 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान के लिए, ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 71 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है। इस स्कीम को भी प्रो-एक्टिव तरीके से लागू किया जा रहा है। ‘डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र योजना’ के तहत विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु 12,000 रुपये तक की एकमुश्त अनुदान राशि प्रदान की जाती है। ‘दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना ( दयालु )’ के तहत, 1 लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सुरक्षा दी जाती है। अब तक, 49 हजार 983 लाभार्थियों को 1 हजार 881 करोड़ रुपये की मदद दी गई है। स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘पी.एम. स्वनिधि योजना’ के तहत लोन और ब्याज सब्सिडी भी दी जा रही है।
श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण)’ के तहत हरियाणा में 1 लाख 56 हजार से ज़्यादा मकान बनाए गए हैं। राज्य में ‘मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना’ के तहत 14 शहरों में 30 वर्ग गज (एक मरला) के 15 हजार 256 प्लॉट दिए गए हैं। इसी तरह, ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’ के तहत 50 से 100 वर्ग गज तक के 12 हजार 561 प्लॉट दिए गए हैं। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मकान बनाने के लिए वित्तीय मदद भी सुनिश्चित की जा रही है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हज़ारों परिवारों को प्लॉट का कब्ज़ा और निर्माण के लिए सहायता मिली है। ये चुनिंदा झलकियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि अंत्योदय सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि हरियाणा में शासन की नींव है।

