केंद्र के बजट में तो हरियाणा को कुछ खास मिला नहीं, राज्य में “डी-प्लान बजट” का पैसा भी “भाजपाई नकारेपन” की भेंट चढ़ गया।
हरियाणा में भाजपा सरकार का “निकम्मेपन का पहाड़” लगातार लोगों की ज़िंदगी से कर रहा खिलवाड़।
“नायब सैनी” सरकार जिम्मेदारी व जवाबदेही की बजाय आंखें मूंदे बैठी!

नरवाना,20 फरवरी 2026 – हरियाणा में ‘हानिकारक’ भाजपा के फेल डबल इंजन की रेल, विकास की पटरी से ‘डीरेल’ हो चुकी है। केंद्र के बजट में तो हरियाणा को कुछ खास मिला नहीं, राज्य में “डी-प्लान बजट” का पैसा भी “भाजपाई नकारेपन” की भेंट चढ़ गया है। नरवाना पहुंचे कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा भाजपा सरकार की नाकामी से प्रदेश में स्थानीय स्तर पर बुनियादी जरूरतों और आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए आवंटित- जिला योजना बजट का दो तिहाई (66%) पैसा खर्च ही नहीं हुआ है। वर्ष 2025-26 के “जिला योजना बजट” के लिए आवंटित कुल 400 करोड़ रुपए में से 15 फरवरी 2026 तक, मात्र 34.27% राशि ही खर्च हो सकी है। हरियाणा में तरक्की और रोज़गार का “ग्रोथ इंजन” कहे जाने वाले गुरुग्राम को, भाजपा ने इस मामले में सबसे फिसड्डी (मात्र 4.3%) बना दिया है। जबकि यहां तो बीजेपी की “ट्रिपल ईंजन” सरकार है।
नरवाना स्थित अपने आवास पर कार्यकर्ताओं की जन समस्याएं सुन रहे सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अंबाला, चरखी दादरी, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, सिरसा और यमुनानगर सहित अधिकतर जिलों में बजट का आधा (50%) भी खर्च नहीं हुआ है। दरअसल डी-प्लान बजट का पैसा स्थानीय स्तर पर सड़क, स्कूल, चौपाल, आंगनवाड़ी, गली, नाली, खेतों के रस्ते, वाटर वर्क्स जैसे बुनियादी चीज़ों के निर्माण और मरम्मत पर खर्च करना होता है। मगर “भाजपाई नकारेपन के चरमकाल” में हर तरफ बदहाली पसरी है, बस ‘झूठ का शोर’ है और खामियाजा लगातार जनता को भुगतना पड़ रहा है।
वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला में कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का बहुत बुरा हाल है।भाजपा सरकार द्वारा हरियाणा की जनता को पेयजल और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। इंदौर (मध्य प्रदेश) के बाद हरियाणा में भी पानी के नाम पर घर के नल से निकलते ‘ज़हर का कहर’ थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूसरी और पूरे प्रदेश में “नशे के जहर” से हरियाणा में नस्ल बर्बाद हो रही है। ये हालात भाजपा सरकार की नाकामी व बदइंतज़ामी की पराकाष्ठा का उदाहरण है। प्रदेश को ‘चौतरफा बर्बादी’ में धकेलने वाली भाजपा सरकार लोगों को पीने का साफ पानी भी नहीं उपलब्ध करा सकती, ऐसी सरकार का तो चुल्लू भर पानी में डूब जाना ही बेहतर है। दरअसल हरियाणा में दूषित पानी की समस्या, सिर्फ एक गांव या शहर की मुसीबत नहीं है। कई शहरों में सीवरेज का पानी भी पेयजल में मिलकर, घर के नल तक पहुंच रहा है।
सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पलवल जिले के छांयसा गांव में ‘दूषित पानी’ पीने से पहले ही 5 मासूम बच्चों समेत 12 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने बदतर है कि अब तो पूरा गांव ही हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण और महामारी की चपेट में है, मौत और मरीजों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ही हेपेटाइटिस बी से 4 और पीलिया से 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक बीमार हैं। पानी के लिए गए सैंपल फेल हो रहे हैं, ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया और क्लोरीन की कमी सामने आ रही है। ‘दूषित पानी’ के ज़हर से अब गांव के हर घर में कोई ना कोई बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसे लक्षणों से पीड़ित है। प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ही बीते एक साल के भीतर लिए गए पानी के सैंपल में 34,992 नमूने फेल पाए गए हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के मुताबिक ही अप्रैल 2025 से 6 जनवरी 2026 तक हरियाणा में लिए गए पानी के 400 से अधिक सैंपल फेल निकले हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2023-24 में हरियाणा के अलग-अलग जिलों से लिए गए पानी के करीब 7,000 सैंपल फेल पाए गए थे।
कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पलवल जिले के छांयसा गांव जैसी भयावह स्थिति प्रदेश के किसी और गांव या शहर में ना हो इस बात की क्या गारंटी है? “स्वच्छ पानी” पहुंचाने की बुनियादी जिम्मेदारी में भी फेल भाजपा सरकार, रोज हरियाणा के लोगों को ‘दूषित पानी’ के रूप में “धीमा जहर” दे रही है,और अब ये ‘जहर’ लोगों की जान ले रहा है। उन्होंने कहा कि विडंबना देखिए, हरियाणा भाजपा सरकार और उसके विभाग अपनी जवाब देही और जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग अब इस गांव में हो रही मृत्यु को लेकर प्रदेश में बढ़ रही नशाखोरी को जिम्मेदार बता रहा है।


