चाइना मूल के गिरोह को कॉलिंग सपोर्ट देने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, 20 पोर्ट वाला सिम बॉक्स व लैपटॉप बरामद

गुरुग्राम, 18 फरवरी 2026। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह को कॉलिंग सपोर्ट देने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी चाइना मूल के साइबर ठगों के लिए वर्चुअल सिम बॉक्स लगाकर अवैध समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे और भारतीय नागरिकों को गेमिंग, इनवेस्टमेंट फ्रॉड व डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी के लिए कॉलिंग सुविधा उपलब्ध करा रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अत्याधुनिक 20 पोर्ट वाला फिजिकल सिम बॉक्स और एक लैपटॉप बरामद किया है।
सेक्टर-28 में चल रहा था अवैध कॉलिंग नेटवर्क
दिनांक 10 फरवरी 2026 को पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि सेक्टर-28 स्थित एक किराए के मकान में वर्चुअल सिम बॉक्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय VOIP कॉल्स को लोकल कॉल में परिवर्तित कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है।
श्री प्रियांशु दीवान (HPS), सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध के नेतृत्व में निरीक्षक अमित व उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उक्त स्थान पर छापेमारी की। चौथी मंजिल पर स्थित किराए के मकान से 3 मोबाइल फोन चालू हालत में मिले, जो स्वतः भारतीय नंबरों पर कॉल कर रहे थे। मोबाइल स्क्रीन पर VDMS APK ऐप चलती मिली।
मौके से एक महिला आरोपी Kung Panmae (30 वर्ष) निवासी दीमापुर (नागालैंड), वर्तमान निवासी सेक्टर-28 गुरुग्राम को काबू किया गया।
दिल्ली से भागने की फिराक में पकड़े गए अन्य आरोपी
आगे की कार्रवाई में 14 फरवरी को मजनू का टीला, दिल्ली से दो आरोपियों Karma (32 वर्ष) निवासी दीमापुर, नागालैंड तथा लोबसांग Tsultrim (33 वर्ष) निवासी मंडी, हिमाचल प्रदेश को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में इनके एक अन्य साथी Ngawang Gyaltsen (35 वर्ष) निवासी धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) को 16 फरवरी को मजनू का टीला, दिल्ली से काबू किया गया।
तीनों आरोपी दिल्ली से काठमांडू जाने वाली बस से फरार होने की कोशिश कर रहे थे।
चीन में जन्मे दो आरोपी, प्रतिबंधित ऐप से जुड़े तार
जांच में सामने आया कि Ngawang Gyaltsen और Lobsang Tsultrim का जन्म चीन में हुआ था और वे पिछले 15 वर्षों से भारत में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। दोनों को चीनी और ताइवानी भाषाओं का ज्ञान है।
आरोपी चीन मूल के व्यक्ति Tsega के संपर्क में थे और प्रतिबंधित चीनी ऐप के माध्यम से जुड़े हुए थे। वर्ष 2020 में भारत सरकार द्वारा कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया था।
20 हजार कॉल प्रतिदिन करने में सक्षम था सिम बॉक्स
पुलिस द्वारा बरामद सिम बॉक्स को चीनी ठगों द्वारा री-इंजीनियर किया गया था, जिसमें 20 रेडमी मोबाइल फोन लगे हुए थे। यह सेटअप VDMS ऐप के जरिए प्रतिदिन 20 हजार से अधिक कॉल करने में सक्षम था।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकार की अवैध VOIP कॉल रूटिंग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि ऐसे नेटवर्क का उपयोग आतंकवादी व राष्ट्र विरोधी तत्व भी संपर्क साधने के लिए कर सकते हैं।
जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस टीम आरोपियों से गहन पूछताछ कर अन्य साक्ष्य जुटा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य साथियों की तलाश जारी है। मामला अनुसंधानाधीन है।
गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनज़र विशेष सतर्कता बरती जा रही है और साइबर ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









