गुरुग्राम के विकास कार्यों की केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने की समीक्षा

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कचरा प्रबंधन, जलनिकासी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, एनसीआर चैनल, स्टेडियम निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं पर हुई उच्चस्तरीय बैठक

केंद्रीय राज्य मंत्री ने दिए निर्देश, जलनिकासी के प्राकृतिक निकास पर अतिक्रमण करने वालों की एक महीने के भीतर दी जाए रिपोर्ट, जल प्रदूषण करने वालों के खिलाफ भी की जाए कार्रवाई

गुरुग्राम, 7 फरवरी। शहर के प्रमुख बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आज गुरुग्राम में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने की। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, आयुक्त प्रदीप दहिया, नगर निगम मानेसर के आयुक्त प्रदीप सिंह व अतिरिक्त आयुक्त रविन्द्र यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बंधवाड़ी लैंडफिल और लीगेसी वेस्ट निस्तारण

केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बंधवाडी लैंडफिल साइट से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि लीगेसी वेस्ट का जल्द से जल्द उचित ट्रैक से निपटान किया जाए। नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि नए टेंडर के तहत लगभग 16.80 लाख मीट्रिक टन कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण का कार्य फरवरी 2026 के अंत तक शुरू होकर फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मशीनें और बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने इकोग्रीन एनर्जी प्रा. लि. से जुड़े कानूनी विवाद की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा की। नगर निगम के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मामला मध्यस्थता में विचाराधीन है और आगामी सुनवाई 16 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बंधवाड़ी और आसपास के गांवों में भूजल स्तर और पर्यावरणीय प्रभावों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों की मांग पर भी ध्यान दिया जाए। साथ ही बंधवाड़ी में फरीदाबाद से आने वाले कचरे पर भी रोक लगाई जाए।

प्राकृतिक जलनिकासी मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश

राव इंद्रजीत सिंह ने जलनिकासी से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शहर में प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम को बाधित करने वाले अतिक्रमणों पर सख्त रुख अपनाया जाए। जलनिकासी के प्राकृतिक स्रोतों पर अतिक्रमण करने वालों की पहचान कर और कार्रवाई की जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक जल प्रवाह में रुकावट डालने वाले सभी अतिक्रमणों की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत की जाए।

रेन वॉटर हार्वेस्टिंग न करने वाले बड़े प्लॉट मालिकों और हाउसिंग सोसाइटी की ओसी ली जाए वापस

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बैठक में रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़े मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की। आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में वर्षा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। गैर-कार्यात्मक रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मरम्मत, 175 नई वर्षा जल संरचनाओं का निर्माण, मानसून से पहले कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य आदि उपायों से जलभराव की समस्या कम करने और भूजल रिचार्ज बढ़ाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर लापरवाही बरतने वाले बड़े प्लॉट के मालिकों और हाउसिंग सोसाइटीज के ऑक्यूपेंसी सर्टिफ़िकेट वापस लेने के निर्देश दिए।

एसटीपी ना लगाने वाले बिल्डर्स व औद्योगिक इकाइयों पर होगी कार्रवाई

केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण के मानकों व एसटीपी से संबंधित कार्यों को लेकर निर्देश दिए कि जिला में बड़ी संख्या में ऐसे बिल्डर और औद्योगिक इकाइयां भी है जोकि बिना एसटीपी से शोधित किए बिना गंदा पानी सीधे ड्रेनेज सिस्टम में डाल रहे है। जल प्रदूषण करने वाले ऐसे बिल्डर्स व औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

वजीराबाद स्पोर्ट्स स्टेडियम निर्माण की समीक्षा

उन्होंने वजीराबाद में निर्माणाधीन राव बिरेंद्र सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनवरी 2027 की विस्तारित समयसीमा के भीतर सभी शेष कार्य पूर्ण कर स्टेडियम को उपयोग के लिए तैयार किया जाए।

एनसीआर चैनल को भूमिगत करने से गुरुग्राम में बढ़ेगी जलापूर्ति की क्षमता

केंद्रीय राज्य मंत्री ने गुरुग्राम शहर में जलापूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि जल्द ही सोनीपत जिला के ककरोई गाँव से गुरुग्राम तक जलापूर्ति करने वाली गुरुग्राम केनाल को भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू होगा। जिससे गुरुग्राम शहर में अतिरिक्त जलापूर्ति हो सकेगी। उन्होंने बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित किया जाए। कचरा प्रबंधन, जलनिकासी, पर्यावरण संरक्षण और शहरी अवसंरचना विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

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Author: Bharat Sarathi

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