भारत ने उतारा 118 निशानेबाजों का सबसे बड़ा दल, कजाकिस्तान दूसरे स्थान पर
दिल्ली, 6 फरवरी 2026। पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में भारत ने 118 निशानेबाजों का सबसे बड़ा दल उतारा, जबकि कजाकिस्तान 35 खिलाड़ियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में ओलंपियन ईशा सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता और टीम वर्ग में भी भारत को स्वर्ण दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 21 वर्षीय ईशा ने फाइनल में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए 239.8 अंक हासिल किए। उन्होंने चीनी ताइपे की चेंग येन चिंग (235.4) और यू ऐ वेन (217.7) को पीछे छोड़ते हुए सीनियर एशियाई चैंपियनशिप का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले वह चीन के निंगबो में आईएसएसएफ विश्व कप में भी स्वर्ण जीत चुकी हैं और 2024 में जकार्ता में अपना पहला महाद्वीपीय खिताब हासिल किया था।
क्वालिफाइंग राउंड में सुरुचि सिंह 576 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि मनु भाकर और ईशा सिंह ने 575-575 अंक बनाए। तीनों ने फाइनल में जगह बनाई। सुरुचि (576), मनु (575) और ईशा (575) की तिकड़ी ने कुल 1726 अंकों के साथ टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। वियतनाम (1713) को रजत और चीनी ताइपे (1711) को कांस्य पदक मिला।
हालांकि फाइनल में बढ़त बनाने वाली 19 वर्षीय सुरुचि एलिमिनेशन राउंड में पिछड़कर चौथे स्थान पर रहीं, जबकि पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीत चुकी मनु भाकर सातवें स्थान पर रहीं।
पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में विश्व चैंपियन सम्राट राणा को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। काहिरा विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता सम्राट ने क्वालिफाइंग में 581 अंक बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन फाइनल में 220.3 अंक के साथ उज्बेकिस्तान के व्लादिमीर स्वेचनिकोव (242.0) और कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमजान (241.0) से पीछे रह गए।
इस स्पर्धा में भारत के दूसरे फाइनलिस्ट श्रवण कुमार चौथे स्थान पर रहे। टीम स्पर्धा में सम्राट (581), श्रवण (578) और वरुण तोमर (573) ने कुल 1732 अंक जुटाए और भारत को रजत पदक मिला। उज्बेकिस्तान ने भी 1732 अंक बनाए, लेकिन 58 ‘इनर-10’ के मुकाबले भारत के 52 रहने के कारण स्वर्ण पदक उसके खाते में गया। कजाकिस्तान 1731 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
कुल मिलाकर, चैंपियनशिप के शुरुआती चरण में ही भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की दावेदारी लगातार मजबूत हो रही है।







