चंडीगढ़/रेवाडी | 3 फरवरी 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा सरकार और भाजपा नेतृत्व को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हरियाणा बजट 2026 में अहीरवाल क्षेत्र के लिए अलग से विशेष बजट का प्रावधान नहीं किया गया, तो यह क्षेत्र भाजपा की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल साबित होगा।
विद्रोही ने गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि अहीरवाल ने बीते 12 वर्षों से भाजपा को आंख बंद कर वोट दिया, सरकारें बनवाईं, सांसद-विधायक जिताए—लेकिन बदले में इस क्षेत्र को केवल उपेक्षा, भेदभाव और झूठे आश्वासन मिले। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर अहीरवाल को दशकों से छला जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर अहीरवाल की दर्जनों महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को बजट के अभाव में पिछले दस वर्षों से अधर में लटका रखा है। सड़कों, अस्पतालों, शिक्षा संस्थानों और आधारभूत ढांचे की हालत किसी से छिपी नहीं है, जबकि दूसरी ओर चुनिंदा क्षेत्रों पर सरकारी खजाना बेरोकटोक लुटाया गया।
वेदप्रकाश विद्रोही ने स्पष्ट कहा कि अब अहीरवाल से निर्वाचित भाजपा के सभी 11 विधायकों की असली परीक्षा है। या तो वे विधानसभा में एकजुट होकर विशेष बजट की मांग पर आर-पार की लड़ाई लड़ें, या फिर जनता के सामने स्वीकार करें कि वे केवल कुर्सी बचाने की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि मुख्यमंत्री नायब सैनी अहीरवाल की अधूरी परियोजनाओं और अरावली संरक्षण के लिए पर्याप्त बजट देने से इनकार करते हैं, तो अहीरवाल से भाजपा के सभी 10 विधायकों को सरकार से समर्थन वापस लेकर सत्ता को सीधी चुनौती देनी चाहिए।
विद्रोही ने कहा कि एक भी विधायक का चुप रहना अहीरवाल के साथ विश्वासघात माना जाएगा। इतिहास गवाह रहेगा कि किसने अहीरवाल का हक़ लड़ा और किसने सत्ता के आगे घुटने टेक दिए।
उन्होंने राव इन्द्रजीत सिंह से भी कहा कि अब केवल मांग रखने की औपचारिकता से काम नहीं चलेगा। यदि विशेष बजट का प्रावधान नहीं होता, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि केंद्र में मंत्री होने के बावजूद अहीरवाल की आवाज़ सत्ता के गलियारों में कमजोर पड़ गई है। अब समय है निर्णायक कदम उठाने का, वरना जनता सब देख रही है और जवाब भी देगी।






