बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत बाल विवाह मुक्ति रथ रवाना

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एडीसी सोनू भट्ट ने हरी झंडी दिखाकर 100 दिवसीय जनजागरूकता पहल को दी मजबूती

बाल विवाह कानूनन अपराध, सूचना देने से बच्चों का भविष्य किया जा सकता है सुरक्षित

गुरुग्राम, 28 जनवरी-महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय जनजागरूकता पहल को मजबूत करने के लिए गुरुग्राम में एडीसी सोनू भट्ट ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ के माध्यम से जिले में बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जागरूकता फैलाई जाएगी और समाज को इस कुप्रथा के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा।

इस अवसर पर एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि बाल विवाह समाज की एक गंभीर और चिंताजनक समस्या है, जिसका सीधा प्रभाव बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे जागरूकता अभियान समाज में बदलाव लाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

यह विशेष अभियान शक्ति वाहिनी एवं एमडीडी ऑफ इंडिया के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत रथ के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह दंडनीय अपराध है और इसमें शामिल होने वाले सभी व्यक्ति कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं।

अभियान के दौरान आमजन को यह भी जानकारी दी जा रही है कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो उसकी तुरंत रिपोर्ट की जा सकती है। बाल विवाह की जानकारी पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड लाइन 1098 अथवा संबंधित बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ), ब्लॉक विकास अधिकारी, एसडीओ, एसडीएम या जिला प्रशासन को दी जा सकती है। समय रहते सूचना देने से बाल विवाह को रोका जा सकता है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सिमरन शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुनीष कुमारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा, , रुक्मिणी शर्मा, सेक्टर-56 गुरुग्राम सोनिया यादव पार्षद तथा जयभगवान शर्मा मौजूद रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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