हरियाणा के 276 निजी स्कूल चिराग योजना में अपात्र, जानें क्या है बड़ी वजह

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गलत मान्यता अपलोड करने से 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को हुआ नुकसान

शिक्षा विभाग ने 23 से 30 जनवरी तक दोबारा खोला पोर्टल

चंडीगढ़, 23 जनवरी- चिराग योजना के क्रियान्वयन के दौरान हरियाणा शिक्षा विभाग के संज्ञान में गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी चूक सामने आई है। राज्य के 276 निजी स्कूल चिराग योजना के लिए अपात्र पाए गए हैं। विभाग के अनुसार, इन स्कूलों ने पोर्टल पर गलत मान्यता संबंधी दस्तावेज अपलोड किए, जिसके चलते उन्हें योजना के अंतर्गत मान्यता नहीं मिल सकी।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि कई निजी स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी (12वीं) तक की विधिवत मान्यता प्राप्त है, लेकिन उन्होंने चिराग योजना के पोर्टल पर केवल सेकेंडरी (10वीं) तक का मान्यता प्रमाण पत्र ही अपलोड किया। इस प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही के कारण इन स्कूलों को 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए योजना के अंतर्गत पात्र नहीं माना गया

इस चूक का सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ा, विशेषकर उन छात्रों पर जो चिराग योजना के तहत इन निजी स्कूलों में 11वीं-12वीं में प्रवेश लेना चाहते थे। कई योग्य छात्र योजना के लाभ से वंचित रह गए, जिससे अभिभावकों में भी असंतोष देखा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने संबंधित निजी स्कूलों को एक और अवसर दिया है। विभाग ने पोर्टल को 23 जनवरी से 30 जनवरी तक दोबारा खोलने का निर्णय लिया है, ताकि स्कूल अपनी मान्यता संबंधी जानकारी में सुधार कर सकें और सही दस्तावेज अपलोड कर सकें।

शिक्षा विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सुधार नहीं करने वाले स्कूलों को भविष्य में चिराग योजना से बाहर किया जा सकता है। विभाग का कहना है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें