उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक, बैलेंस्ड स्कोरकार्ड और आईएसओ प्रमाणन अनिवार्य
चंडीगढ़, 23 जनवरी 2026 । हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने गुरुवार को राज्य की पावर यूटिलिटीज के लिए तीन महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। सेवा वितरण में सुधार, जवाबदेही सुनिश्चित करने और विद्युत क्षेत्र में संस्थागत प्रदर्शन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोग ने उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (कंज़्यूमर सैटिस्फैक्शन इंडेक्स—सीएसआई) लागू करने, बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली अपनाने तथा सभी पावर यूटिलिटीज के लिए आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य किया है।
एचईआरसी के अध्यक्ष श्री नन्द लाल शर्मा ने राज्य सलाहकार समिति (एसएसी) की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि अब एसएसी की बैठकें वर्ष में तीन बार आयोजित की जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इन बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों को पावर यूटिलिटीज द्वारा समयबद्ध और प्रभावी रूप से लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए।आयोग ने सभी पावर यूटिलिटीज को तीन माह के भीतर एक सुव्यवस्थित उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (सीएसआई) लागू करने के निर्देश दिए, जिसकी मासिक निगरानी की जाएगी। स्पष्ट किया गया कि सीएसआई का मूल्यांकन सेक्शन स्तर पर जूनियर इंजीनियर से लेकर उप-मंडल, मंडल और यूटिलिटी स्तर तक किया जाएगा, ताकि जवाबदेही तय हो और उपभोक्ता सेवाओं में ठोस सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
लक्ष्य आधारित प्रदर्शन और प्रणालीगत सुधार को संस्थागत रूप देने के लिए अध्यक्ष ने चार माह के भीतर बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। इसे एक रणनीतिक प्रदर्शन प्रबंधन उपकरण के रूप में अपनाया जाएगा, जिसके माध्यम से वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों प्रकार के लक्ष्यों का निर्धारण और निगरानी की जाएगी। प्रदर्शन संकेतकों की समीक्षा फील्ड स्तर से लेकर शीर्ष प्रबंधन स्तर तक की जाएगी, जिसमें उपभोक्ता संतुष्टि, संचालन दक्षता, सुरक्षा, हानियों में कमी, सेवा गुणवत्ता और क्षमता निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे। इसकी मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी।
प्रक्रियाओं के मानकीकरण पर आयोग ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) राज्य की एकमात्र आईएसओ प्रमाणित यूटिलिटी है। आयोग ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) को भी आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि पारदर्शिता, एकरूप प्रक्रियाएं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां सुनिश्चित की जा सकें।
लागत अनुकूलन पर जोर देते हुए श्री शर्मा ने हरियाणा पावर परचेज सेंटर (एचपीपीसी) की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि अल्पकालिक और मध्यम अवधि की बिजली खरीद में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय भार कम करने के लिए उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों की सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी।
बैठक के दौरान डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम सिंह ने बताया कि एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल (एटी एंड सी) हानियों को और कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कुल 51,156.71 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का अनुमान प्रस्तुत किया है।
आयोग ने बिजली क्षेत्र में बढ़ते विवादों, विशेषकर बिलिंग से संबंधित मामलों, पर गंभीर चिंता व्यक्त की और यूटिलिटीज को प्रणालीगत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही घातक विद्युत दुर्घटनाओं का विवरण मांगा गया तथा झूलती ओवरहेड लाइनों, ट्रांसफार्मरों के पास असुरक्षित स्थितियों और खुले तारों जैसी समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश जारी किए गए।
रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के संबंध में आयोग ने कहा कि कमीशनिंग के बाद निगरानी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। यूटिलिटीज को निर्देश दिए गए कि वे वेंडरों द्वारा किए गए कार्यों में से 10 से 25 प्रतिशत तक का यादृच्छिक गुणवत्ता निरीक्षण करें, वेंडर प्रदर्शन रेटिंग को सार्वजनिक डोमेन में प्रदर्शित करें तथा सोलर से संबंधित शिकायतों को सामान्य शिकायत निवारण प्रणाली में शामिल करें। इस अवसर पर डॉ. बीआर कंबोज ने उपभोक्ताओं और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अधिक लचीली सोलर नीति अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक के समापन पर अध्यक्ष ने दोहराया कि एसएसी के निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन अनिवार्य है तथा उपभोक्ताओं से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान और सेवा गुणवत्ता में सुधार हरियाणा की पावर यूटिलिटीज की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में एचईआरसी के सदस्य श्री मुकेश गर्ग और श्री शिव कुमार, डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम सिंह, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बीआर कंबोज, एचईआरसी के सचिव श्री प्रशांत देष्टा, विद्युत लोकपाल श्री आरके खन्ना, उप निदेशक (मीडिया) प्रदीप मलिक सहित एचपीजीसीएल, एचवीपीएन, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य एसएसी सदस्य उपस्थित रहे।








