उच्च शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
रेवाड़ी | 20 जनवरी 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में हरियाणा की उच्च शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में न तो छात्रों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही शिक्षा के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा मौजूद है।
अहीरवाल क्षेत्र के संस्थानों की हालत सबसे खराब
विद्रोही ने कहा कि पूरे प्रदेश में उच्च शिक्षा की सबसे अधिक दुर्दशा अहीरवाल क्षेत्र के सरकारी शिक्षण संस्थानों की है। अहीरवाल के दोनों प्रमुख विश्वविद्यालय—इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर और गुरुग्राम विश्वविद्यालय—विश्वविद्यालयों के मानकों के अनुरूप न तो मजबूत आधारभूत ढांचा रखते हैं और न ही पर्याप्त शिक्षक व सपोर्टिंग स्टाफ। यही स्थिति अहीरवाल और मेवात क्षेत्र के सरकारी महाविद्यालयों की भी है।
रेवाड़ी जिले के कॉलेजों में प्राचार्य तक नहीं
रेवाड़ी जिले के सरकारी कॉलेजों की स्थिति का उदाहरण देते हुए विद्रोही ने बताया कि जिले में कुल 11 सरकारी कॉलेज हैं, जिनमें से केवल तीन कॉलेजों में ही स्थायी प्राचार्य नियुक्त हैं। शेष आठ कॉलेज बिना प्राचार्य के ही संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राजकीय बाल महाविद्यालय रेवाड़ी और राजकीय महाविद्यालय जाटूसाना के पास आज तक अपना भवन तक नहीं है।
15 से 25 प्रतिशत ही शिक्षक कार्यरत
विद्रोही ने कहा कि जिले के किसी भी सरकारी कॉलेज में पर्याप्त प्राध्यापक नहीं हैं। अधिकांश कॉलेजों में स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 15 से 25 प्रतिशत ही शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसे में बिना पर्याप्त प्राध्यापकों के छात्रों की पढ़ाई किस स्तर की हो रही होगी, यह बताना बेमानी है।
कॉलेजवार प्राध्यापकों की भयावह स्थिति
विद्रोही के अनुसार—
- राजकीय कन्या महाविद्यालय रेवाड़ी में 117 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 30 प्राध्यापक कार्यरत हैं।
- राजकीय बाल महाविद्यालय रेवाड़ी में 15 के स्थान पर 7 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय कन्या महाविद्यालय पाली में 21 के स्थान पर 14 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय महाविद्यालय नाहड़ में 35 पदों के बावजूद केवल 12 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय महाविद्यालय जाटूसाना में 15 के स्थान पर मात्र 3 प्राध्यापक कार्यरत हैं।
- राजकीय महाविद्यालय खरखड़ा में 30 के स्थान पर 14 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय महिला महाविद्यालय बावल में 20 के स्थान पर 7 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय महाविद्यालय बावल में 38 के स्थान पर केवल 2 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय महाविद्यालय कंवाली में 31 के स्थान पर 17 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय महाविद्यालय गुरावड़ा में 28 के स्थान पर 15 प्राध्यापक हैं।
- राजकीय महाविद्यालय कोसली में 42 के स्थान पर केवल 9 प्राध्यापक कार्यरत हैं।
रेवाड़ी की स्थिति पूरे प्रदेश का आईना
विद्रोही ने कहा कि रेवाड़ी जिले के सरकारी कॉलेजों की स्थिति पूरे हरियाणा का आईना है। जब प्रदेश के सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे, तो छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी—यह सरकार की नीयत और नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।








