फसल बीमा योजना के जरिए किसानों के साथ हो रही सैकड़ों करोड़ की लूट- हुड्डा

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चंडीगढ़, 16 जनवरी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि पीएम फसल बीमा योजना के जरिए किसानों के साथ सैकड़ों करोड़ की लूट हो रही है। कंपनियों ने 7 साल में किसानों से 648 करोड रुपए कमाए हैं। फिर भी 3 साल से किसानों का 161 करोड रुपए का मुआवजा बाकी है। इतना ही नहीं पिछले साल खरीफ सीजन के दौरान जुलाई-अगस्त में आई बाढ़ के चलते खराब हुई फसलों के क्लेम का भी किसानों को कोई पैसा नहीं दिया गया।

इससे पहले रबी की फसलों में हुए खराबे का क्लेम भी पेंडिंग पड़ा हुआ है। कई-कई साल तक किसानों को यहां-वहां धक्के खिलाए जाते हैं। जबकि जब फसल बीमा योजना में सर्वे होने के 15 से 30 दिन के भीतर मुआवजा देने का प्रावधान है। इसीलिए ये योजना किसानों का भरोसा खो चुकी है। इसीलिए अब बीमा योजना सिर्फ 12% फसलों तक सीमित कर रह गई है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंजाब केसरी प्रकरण पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पंजाब केसरी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान को सरकारी एजेंसियों के माध्यम से डराने-धमकाने की कोशिशें बेहद चिंताजनक हैं। एक साथ छापेमारी, लाइसेंस रद्द करना, बिजली आपूर्ति बंद करना, पुलिस की घेराबंदी, यह सब कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और खतरनाक प्रहार है और स्वतंत्र मीडिया की आवाज को दबाने की कोशिश है। स्वतंत्र पत्रकारिता को कुचलने की ऐसी सभी हरकतें लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक हैं।

हुड्डा ने कहा कि संगठित अपराध हरियाणा में लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं। बदमाश बेखौफ होकर वारदातें कर रहे हैं और जनता खौफ के साये में जीने को मजबूर है। राज्य में 60 से ज्यादा गैंग सक्रिय हैं। खुद केंद्र सरकार का सामाजिक प्रगति सूचकांक बताता है कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है।

उन्होंने मनरेगा में हुए बदलाव के खिलाफ प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने दलित, पिछड़े, गरीबों, ग्रामीणों और पंचायतों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मज़दूर पंजीकृत हैं। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया।

बीजेपी ने आजतक अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया। 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन आय की बजाए लागत को कई गुणा बढ़ा दिया गया। हुड्डा ने बताया कि कैसे लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ इस सरकार ने धोखा किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है।

जबकि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वतः लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं।

हुड्डा ने कहा कि भाजपा की नीतियों के चलते हरियाणा से उद्योग लगातार पलायन कर रहे हैं। 2018-19 से अब तक हरियाणा में 1446 फैक्ट्रियां या तो बंद हो गई हैं या पलायन कर गई हैं। 5 सालों में हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र में 12.2% की गिरावट आई है। क्योंकि सत्ता में बैठी बीजेपी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही।

कोई नया उद्योग या परियोजना हरियाणा में स्थापित करने की बजाए बीजेपी सरकार के दौरान कांग्रेस सरकार की मंजूरशुदा रेल कोच फैक्ट्री, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और डिफेंस यूनिवर्सिटी जैसी परियोजनाएं भी अन्य राज्यों में चली गईं। आज हरियाणा की आर्थिक स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। 2014 तक प्रदेश का कुल कर्ज 60 हजार करोड़ था, जो अब 5 लाख करोड़ से ज्यादा हो चुका है। फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें स्थान पर है।

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Author: Bharat Sarathi

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