एक ही सड़क, दो उद्घाटन! गुरुग्राम में बीजेपी की श्रेय राजनीति उजागर : गुरिंदरजीत सिंह
एक ही सड़क और सीवर कार्य के दो-दो शुभारंभ, जनता भुगत रही खामियाज़ा : इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह
ट्रिपल इंजन सरकार में डबल उद्घाटन, सिंगल काम भी अधूरा, मुख्यमन्त्री के उद्घाटन के बाद भी शुरू नही की सदर बाजार की मल्टी लेवल पार्किंग : गुरिंदरजीत सिंह का हमला
बीजेपी की अंदरूनी गुटबाज़ी सड़कों पर आई, भुगत रही है गुरुग्राम की जनता : गुरिंदरजीत सिंह
गुरुग्राम : गुरुग्राम के समाजसेवी एवं इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने गुरुग्राम में विकास कार्यों को लेकर भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में कार्य टेंडर निकलते ही राजनेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ मच जाती है, जिसका सीधा खामियाज़ा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि एक ही सीवर लाइन व सड़क निर्माण कार्य के लिए एक ही दिन में दो-दो शुभारंभ कार्यक्रम होना भाजपा की अंदरूनी गुटबाज़ी को साफ़ तौर पर उजागर करता है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में अब यह आम बात हो गई है कि काम शुरू होने से पहले ही पार्षद और विधायक अलग-अलग नारियल फोड़कर श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, जबकि वास्तविक कार्य महीनों तक शुरू ही नहीं होता।
उन्होंने बताया कि 11 जनवरी 2025 को भीमगढ़ खेड़ी में सीवर लाइन व नई आरसीसी सड़क निर्माण कार्य के लिए शुभारंभ कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। सुबह वार्ड पार्षद परमिंदर कटारिया ने अन्य पार्षद धर्मवीर भांगरोला के साथ नारियल फोड़ा, जबकि उसी कार्य के लिए शाम को विधायक श्री मुकेश शर्मा द्वारा अलग से शुभारंभ कार्यक्रम किया गया। इससे स्पष्ट है कि कार्य के श्रेय को लेकर नेताओं के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा और मतभेद है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने सवाल उठाया कि जब भाजपा स्वयं को एक अनुशासित पार्टी बताती है, तो फिर एक ही पार्टी के पार्षद और विधायक के बीच इतना बड़ा मतभेद क्यों है? क्या पार्षद स्वयं को विधायक से ऊपर मानते हैं, और यदि ऐसा नहीं है तो भाजपा का अनुशासन कहां है?
उन्होंने कहा कि भाजपा अन्य पार्टियों को एकता का पाठ पढ़ाती है, लेकिन गुरुग्राम में उसकी अंदरूनी गुटबाज़ी सड़कों पर हो रहे उद्घाटन कार्यक्रमों में साफ़ दिखाई दे रही है। इससे पहले सेक्टर-4 और अब भीमगढ़ खेड़ी में यही स्थिति देखने को मिली है। कई भाजपा कार्यकर्ता भी अब यह कहने लगे हैं कि भाजपा पहले जैसी नहीं रही। जिन नेताओं को चुनाव के समय छह साल के लिए निष्कासित किया गया, उन्हें छह महीने के भीतर ही दोबारा पदों पर बैठा दिया गया—यह सवाल भी पार्टी की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी की गुटबाज़ी का सीधा असर गुरुग्राम के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। आपसी खींचतान के कारण कार्यों की शुरुआत और पूर्णता में लगातार देरी हो रही है। श्रेय की राजनीति खतरनाक है, जहां काम पूरा हुए बिना ही उद्घाटन कर दिए जाते हैं। कई बार सीवर सफाई, पार्क सफाई, पेड़ों की छंटाई, बिजली के खंभे शिफ्ट करने जैसे छोटे कार्यों के लिए भी अलग-अलग उद्घाटन किए जाते हैं, जिससे जनता को भ्रमित किया जाता है कि बहुत अधिक विकास कार्य हो रहे हैं, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत होती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अर्जुन नगर स्थित ओम स्वीट के सामने बना मल्टीपरपज हॉल कई महीनों से तैयार है, जिसका उद्घाटन जुलाई में होना था, लेकिन आज तक नहीं हुआ। इसी तरह सदर बाजार की मल्टी लेवल पार्किंग का उद्घाटन 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री द्वारा कर दिया गया, लेकिन आज तक उसे जनता के लिए शुरू नहीं किया गया। यह दोहरा मापदंड क्यों?
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि जहां दो-दो उद्घाटन कार्यक्रम हो रहे हैं, वहां एक भी प्रोजेक्ट प्राक्कलन बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया। जबकि नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के नियमों के अनुसार हर शुरू होने वाले प्रोजेक्ट स्थल पर प्राक्कलन बोर्ड लगाना अनिवार्य है। इस नियम की लगातार अनदेखी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
अंत में उन्होंने मांग की कि भाजपा नेता अपनी अंदरूनी गुटबाज़ी को सार्वजनिक विकास कार्यों में बाधा न बनने दें। साथ ही प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि किसी भी कार्य के लिए केवल एक ही उद्घाटन कार्यक्रम की अनुमति दी जाए और हर परियोजना स्थल पर प्रोजेक्ट प्राक्कलन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।







