भाजपा सरकार दस वर्षों में भी समाधान देने में विफल : वेदप्रकाश विद्रोही**
रेवाडी/धारूहेड़ा, 6 जनवरी 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर आ रहे उद्योगों के रसायनयुक्त गंदे पानी को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से सरकार इस भयावह समस्या का समाधान निकालने में पूरी तरह विफल रही है और केवल बैठकों व खोखले आश्वासनों तक ही सीमित है।
विद्रोही ने कहा कि समाधान के नाम पर बार-बार बैठकों का आयोजन किया जाता है, हर बैठक के बाद बड़े-बड़े जुमले उछाले जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि धारूहेड़ा-भिवाड़ी सीमा पर गंदे पानी को रोकने के लिए बनाया गया रैम्प भी टूट चुका है, जिसके चलते धारूहेड़ा की कई बस्तियां रसायनयुक्त गंदले पानी से भर गई हैं। हालात इतने खराब हैं कि गलियों से लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रदूषित पानी से बीमारियों के फैलने और दुर्गंध की समस्या लगातार बढ़ रही है। विद्रोही ने कहा कि एक बार फिर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इस मुद्दे पर राजस्थान व हरियाणा के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
वेदप्रकाश विद्रोही ने बताया कि भिवाड़ी से आ रहे उद्योगों के रसायनयुक्त पानी के कारण धारूहेड़ा और उसके आसपास के दर्जनों गांव बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। भू-जलस्तर गंभीर रूप से प्रदूषित हो गया है और एक हजार एकड़ से अधिक भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच चुकी है। पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है और स्थिति यह है कि भूजल न तो नहाने योग्य है, न कपड़े धोने योग्य और न ही पशुओं के पीने योग्य बचा है।
उन्होंने कहा कि रसायनयुक्त पानी का असर फसलों और सब्जियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जमीन धीरे-धीरे बंजर बनती जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में उगाई जाने वाली फसलें व सब्जियां भी प्रदूषित हो चुकी हैं। ऊपर से मसानी बैराज में रेवाड़ी शहर का सीवर का गंदा पानी डाले जाने से हालात और बदतर हो गए हैं।
विद्रोही के अनुसार मसानी बैराज के गंदले पानी के कारण लगभग एक दर्जन गांवों का भूजल प्रदूषित हो चुका है, जबकि 5–6 गांवों में सड़ांध, गंदगी और जलभराव के चलते लोगों का जीना दूभर हो गया है। क्षेत्र में चर्म रोग और पेट से संबंधित बीमारियों में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पास न तो भिवाड़ी से धारूहेड़ा में आ रहे गंदले पानी को रोकने की कोई ठोस कार्ययोजना है और न ही मसानी बैराज में रेवाड़ी शहर के सीवर का पानी रोकने की कोई गंभीर योजना। सरकार केवल बैठकों के नाम पर जनता को आश्वासनों का राशन देकर ठगती है और जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती।







