दिल्ली निवास पर रिकॉर्ड भीड़, पूरे हरियाणा में सेवा कार्यों के साथ मनाया गया जन्मदिन

नई दिल्ली, 4 जनवरी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा का जन्मदिन पूरे हरियाणा में उत्साह और जनसमर्थन के अभूतपूर्व प्रदर्शन के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर केक, मिठाई लेकर कार्यकर्ताओं, नेताओं और गणमान्य नागरिकों का तांता लगा रहा। हजारों की संख्या में लोग उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे। देहली कोठी पर इससे पहले कभी इतनी रिकॉर्डतोड़ भीड़ देखने को नहीं मिली।
सुबह से देर शाम तक माहौल किसी मेले जैसा बना रहा। देश और प्रदेश से सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक सहित हजारों लोग मौजूद रहे। दीपेन्द्र हुड्डा लगातार कार्यकर्ताओं द्वारा लाए गए केक काटते रहे और सभी के साथ खुशियां साझा कीं। उन्होंने लोगों के स्नेह, अपनत्व और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करते हुए सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

रविवार और सरकारी अवकाश होने के बावजूद दिल्ली के तालकटोरा रोड पर दिनभर यातायात जाम की स्थिति बनी रही, जो जनसैलाब की व्यापकता को दर्शाता है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने जन्मदिवस पर प्राप्त स्नेहिल संदेशों, शुभकामनाओं और आशीर्वाद के लिए सभी का धन्यवाद किया।
हरियाणा भर में सेवा और सामाजिक सरोकार
केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में भी जन्मदिन सेवा भावना के साथ मनाया गया। कहीं रक्तदान शिविर लगाए गए, कहीं भंडारे आयोजित हुए, तो कहीं केक काटकर खुशी मनाई गई। कई स्थानों पर जरूरतमंदों को राशन और फल वितरित किए गए, जिससे यह दिन जनसेवा के रूप में भी यादगार बना।
जनता के बीच रहने वाले जनप्रतिनिधि

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आम दिनों में भी लगातार जनता के बीच सक्रिय रहते हैं। ऐसा शायद ही कोई दिन होता हो जब वे फील्ड में लोगों से घिरे न हों या दिल्ली स्थित अपने आवास पर जनसमस्याएं न सुन रहे हों। हाल ही में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र में उन्होंने लोकसभा में अनेक जनहित के मुद्दे प्रभावी ढंग से उठाए और सरकार को कई मामलों में पीछे हटने पर मजबूर किया।
उन्होंने ‘संचार साथी ऐप’ की प्रीलोड अनिवार्यता का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद सरकार को यह निर्णय वापस लेना पड़ा। इसके अलावा NCR में वायु प्रदूषण, रोहतक में युवा बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत, MPLADS फंड के उपयोग में लापरवाही, बाढ़ प्रभावित हरियाणा के लिए केंद्रीय सहायता, घटता लिंगानुपात, टोल प्लाजा पर भारी वसूली, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में हरियाणा को सह-आयोजक राज्य बनाने, खेल बजट में भेदभाव और वंदे मातरम पर हुई चर्चा में कांग्रेस का सशक्त पक्ष उन्होंने लोकसभा में रखा।
संगठन की रीढ़
कांग्रेस पार्टी की कोई रैली हो या बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम—पिछले करीब 20 वर्षों से हरियाणा में कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी प्रमुख रूप से दीपेन्द्र हुड्डा के कंधों पर ही रही है।
दीपेन्द्र हुड्डा कार्यालय से प्राप्त विज्ञप्ति के अनुसार, उनका जन्मदिन केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और जनसमर्थन का जीवंत प्रमाण बनकर उभरा।







