सुशासन नहीं, भ्रष्टाचार शासन चल रहा है —

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प्रशासन में क्या ‘सुशासन’ सिर्फ़ एक जुमला है?

गुरुग्राम भाजपा कुशासन की प्रयोगशाला बन चुका है: इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह*

गुरुग्राम। हरियाणा सरकार द्वारा मनाए जा रहे तथाकथित “सुशासन दिवस” पर करारा हमला बोलते हुए गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में आज सुशासन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार शासन चल रहा है। सरकार के लिए सुशासन एक दिवस, एक पोस्टर और एक नारा हो सकता है, लेकिन जनता के लिए यह रोज़मर्रा की पीड़ा का नाम बन चुका है।

उन्होंने तीखा सवाल किया—
“प्रशासन में क्या सुशासन सिर्फ़ एक जुमला है, जो फाइलों और दफ्तरों के बाहर खड़ा कर दिया गया है, जबकि अंदर खुलेआम भ्रष्टाचार, लापरवाही और सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है?”

11 साल सत्ता में, फिर भी गुरुग्राम बदहाली की राजधानी

इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि भाजपा को हरियाणा में सत्ता संभाले 11 साल हो चुके हैं और गुरुग्राम में ट्रिपल इंजन सरकार भी है, लेकिन ज़मीनी हालात बद से बदतर हैं।
टूटी सड़कें, धंसी हुई सीवर लाइनें, हर बारिश में डूबता शहर, जगह-जगह कचरे के ढेर और जहरीली हवा—यही आज गुरुग्राम की पहचान बन चुकी है।

उन्होंने कहा—
“अगर यही सुशासन है, तो बदहाली किसे कहते हैं?”

बंधवारी का कूड़ा पहाड़, भाजपा की नाकामी का स्मारक

गुरुग्राम के बंधवारी में खड़ा कूड़े का पहाड़ सरकार की नीयत और नाकामी का जीता-जागता सबूत है। वर्षों से समाधान के दावे हो रहे हैं, लेकिन हालात यह हैं कि कूड़ा कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा—
“पर्यावरण बचाने के भाषण खूब होते हैं, लेकिन ज़मीन पर भाजपा पूरी तरह फेल है। आसपास रहने वाले लोग ज़हर में सांस ले रहे हैं—क्या यही पर्यावरणीय सुशासन है?”

युवा बेरोज़गार, महिलाएं असुरक्षित—सुशासन सिर्फ़ जुमला

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि हरियाणा में बेरोज़गारी, अपराध और नशा युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं। गुरुग्राम जैसे महानगर में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

उन्होंने दो टूक कहा—
“जहां महिलाएं सुरक्षित नहीं, वहां सुशासन की बात करना जनता की समझ का अपमान है।”

सरकारी स्कूल बंद, शिक्षा चौपट—किस बात का सुशासन?

उन्होंने सवाल उठाया कि जब सैकड़ों सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, शिक्षा को कमजोर किया जा रहा है, तब सरकार किस मुंह से सुशासन का ढोल पीट रही है।

अरावली पर हमला = गुरुग्राम का विनाश

इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि अरावली पहाड़ियां गुरुग्राम की सांस हैं। लेकिन भाजपा सरकार या तो अरावली के विनाश पर चुप है या उसे संरक्षण दे रही है।

उन्होंने चेतावनी दी—
“अरावली खत्म हुई तो गुरुग्राम रेगिस्तान बनेगा। पानी खत्म होगा, हवा जहरीली होगी—क्या यह भी भाजपा के सुशासन मॉडल का हिस्सा है?”

किसान और गरीब के लिए कोई सुशासन नहीं

किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित किसानों को आज तक मुआवज़ा नहीं मिला। बाग पोर्टल जैसे सिस्टम किसानों को राहत देने की बजाय उन्हें सरकारी चक्कर में फंसा रहे हैं।

गरीबों की हालत पर बोलते हुए उन्होंने कहा—
“अमीरों के हजारों करोड़ के कर्ज़ और टैक्स माफ, गरीबों की झोपड़ियां बुलडोजर से साफ—यही भाजपा का असली शासन मॉडल है।”

रेहड़ी-पटरी वालों पर जुल्म, बिल्डरों पर मेहरबानी

गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियां और ऊंची इमारतें धड़ल्ले से खड़ी हो रही हैं, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। दूसरी ओर रेहड़ी-पटरी वालों से बिना वैकल्पिक व्यवस्था रोज़गार छीना जा रहा है।

उन्होंने कहा—
“कानून में वेंडिंग ज़ोन का प्रावधान है, लेकिन गरीबों के लिए कानून नहीं, सिर्फ़ लाठी है।”

भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का दावा सबसे बड़ा झूठ

इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि भाजपा का “भ्रष्टाचार-मुक्त शासन” का नारा सबसे बड़ा राजनीतिक धोखा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज हालात यह हैं कि—

  • बिना रिश्वत कोई टेंडर नहीं
  • बिना सिफारिश कोई काम नहीं
  • बिना पैसे फाइल नहीं चलती

“जब पूरा प्रशासन भ्रष्टाचार में डूबा हो, तब सुशासन सिर्फ़ एक पहरा बनकर रह जाता है।”

अटलजी के नाम पर राजनीति, मूल्यों से दूरी

उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के शब्द याद दिलाते हुए कहा—
“इंसान बनो, केवल नाम से नहीं, बल्कि हृदय, बुद्धि और ज्ञान से।”

लेकिन आज की भाजपा सरकार इन मूल्यों से कोसों दूर है।

अंतिम और स्पष्ट संदेश

इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा—
“जब तक अरावली सुरक्षित नहीं, महिलाएं सुरक्षित नहीं, किसान सुरक्षित नहीं, युवा सुरक्षित नहीं और गरीब सुरक्षित नहीं—तब तक सुशासन की बात करना जनता के साथ सीधा धोखा है।
हरियाणा में आज सुशासन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और कुशासन की सरकार है।”

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Author: Bharat Sarathi

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