ग्राम पंचायत का निर्णय: गलत आचरण के चलते मंदिर के महाराज निष्कासित

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विजेंद्र उर्फ बजरंग गिरि संभालेंगे मंदिर का कार्यभार

गुरुग्राम, 20 दिसंबर (अशोक)– जिले के गांव बिलासपुर में ग्राम पंचायत की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरपंच तिलकराम, पंचायत सदस्य, गांव व क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में गांव के मंदिर से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पंचायत के सरपंच तिलकराम तथा गांव के प्रबुद्ध युवा अधिवक्ता सुंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव के मंदिर में निवास कर रहे कौशल गिरि महाराज के आचरण एवं कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से असंतोष था। ग्रामीणों द्वारा उनसे कई बार अपने आचरण में सुधार करने का आग्रह किया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सकारात्मक परिवर्तन नहीं आया।

ग्रामीणों ने पंचायत बैठक में महाराज द्वारा किए गए कृत्यों को लेकर खुलकर चर्चा की, परंतु आपसी संवाद के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में ग्राम पंचायत ने जनहित और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से कौशल गिरि महाराज को मंदिर से निष्कासित करने का निर्णय लिया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि अब मंदिर का समस्त कार्यभार गांव के विजेंद्र उर्फ बजरंग गिरि पुत्र प्यारेलाल, जिन्होंने सन्यास ले लिया है, को सौंपा जाएगा। मंदिर की साफ-सफाई, पूजा-पाठ तथा अन्य धार्मिक गतिविधियां उनकी देखरेख में संचालित की जाएंगी।

ग्राम पंचायत ने विजेंद्र उर्फ बजरंग गिरि से आग्रह किया कि वे मंदिर परिसर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि मंदिर में किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि न हो। पंचायत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई अनुचित गतिविधि सामने आती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर में होने वाले अनुष्ठान, भंडारा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों पर होने वाला व्यय मंदिर की आय से करने के लिए विजेंद्र उर्फ बजरंग गिरि को स्वतंत्र रखा गया है।

बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पंचायत के इस निर्णय पर अपनी सहमति देते हुए हस्ताक्षर भी किए।

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Author: Bharat Sarathi

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