संसद से पारित भारत सरकार का नया नेशनल खेल प्रशासन एक्ट 2025 देश मे जनवरी 2026 से लागू – ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज

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2036 अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक मेज़बानी की तैयारी मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है –

फर्जी प्रमाणपत्र, मनमाने चुनाव, वित्तीय गड़बड़ी पर रोक –

दिल्ली, 20 दिसंबर 2025 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि भारत सरकार जनवरी 2026 से नया नेशनल खेल प्रशासन एक्ट 2025 लागू करने जा रही है। इस नये खेल कानून का मकसद देश में खेल प्रशासन को ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद बनाना है।

यह एक्ट भारतीय खेल संचालन की प्रणाली में बड़े सुधार लाने के लिए लाया गया है। इसका मकसद है खेल महासंघों और प्रशासन को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना, खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना, खेलों के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता (ethics) सुनिश्चित करना। नया खेल कानून स्पोर्ट्स फेडरेशन के कामकाज में सुधार करेगा और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देगा।

फर्जी प्रमाणपत्र, मनमाने चुनाव, वित्तीय गड़बड़ी पर रोक –
खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं व अवसर – एक्ट से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस कानून का उद्देश्य युवा एथलीटों को अवसर प्रदान करना है। नए कानून के तहत, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

राष्ट्रीय खेल बोर्ड (National Sports Board) –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि खेलों के प्रशासन का मुख्य नियामक निकाय होगा। यह खेल संघों को मान्यता (recognition) देगा/रद्द करेगा। इसके बिना किसी संघ को केंद्रीय वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। यह बोर्ड खेल संघों के नियम, लेखा-जोखा और नैतिक संहिता तय करेगा।

राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण (National Sports Tribunal) –
खेल विवादों (जैसे चुनाव, चयन, प्रशासनिक मामलों) का समाधान करेगा। इसके निर्णय सुप्रीम कोर्ट में अपील योग्य होंगे।

संघों के गवर्नेंस मानक –
हर राष्ट्रीय खेल संघ को जनरल बॉडी, कार्यकारिणी समिति, एथलेट्स कमिटी और एथिक्स कमिटी बनानी होगी। कार्यकारिणी समिति में कम से कम 2 खिलाड़ी और 4 महिलाएं शामिल होंगी।

पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही –
मान्यता प्राप्त संघों को वित्तीय लेखा-जोखा प्रकाशित करना होगा और CAG द्वारा ऑडिट के दायरे में आना होगा। संघों को राष्ट्रीय चिन्ह और नाम का उपयोग सरकारी दिशानिर्देशों के तहत करना होगा।

खिलाड़ियों की सुरक्षा (Safe Sports Policy)
हर संघ को एक Safe Sports Policy अपनानी होगी जिससे खिलाड़ियों विशेषकर महिलाओं और अल्पसंख्यक समूहों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

आयु & कार्यकाल नियम –
संघों के शीर्ष पदाधिकारियों की अधिकतम उम्र सीमा 70 वर्ष (शर्तों के साथ अधिकतम 75 तक) और कार्यकाल सीमाएं निर्धारित की गई हैं।

प्रभाव –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि इस कानून से भारत में खेल संघों और प्रशासकों पर कड़ी निगरानी और जवाबदेही आएगी। खिलाड़ी चयन, संघ चुनाव और प्रशासनिक विवादों के निराकरण में न्यायिक त्वरितता मिलेगी। यह खेलों में भ्रष्टाचार और पक्षपात को कम करने में मदद करेगा।

इस एक्ट का लक्ष्य भारत में खेल प्रशासन व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधारना, खेल संघों के कामकाज को जवाबदेह और पारदर्शी बनाना, और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना है।

खेल संघों के लिए ज़रूरी शासन मानक –
सभी राष्ट्रीय खेल संगठनों की कार्यकारिणी में खिलाड़ी और महिलाएँ शामिल होंगे।
प्रत्येक संघ को एथिक्स कोड, डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमिटी, और सेफ स्पोर्ट पॉलिसी अपनानी होगी।

RTI लागू करना –
जो खेल संघ सरकारी सहायता और संसाधन प्राप्त करेंगे, उन्हें RTI अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण माना जाएगा, जिससे उनकी गतिविधियों में जनता को जानकारी लेने का अधिकार मिलेगा।

महत्व –
पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि यह कानून भारतीय खेल को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। खेल संघों के संचालन में उत्तरदायित्व, प्रोफेशनलिज़्म और खिलाड़ी हित पर ज़ोर मिलेगा। यह 2036 ओलंपिक मेज़बानी की तैयारी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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Author: Bharat Sarathi

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