प्रदूषण कब से खतरनाक स्थिति में पहुंचा है, नगर निगम अभी योजनाएं बना रहा: पंकज डावर

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-वीरवार को एक्यूआई 388 तक पहुंचा, लोगों को हो रही परेशानी

-प्रदूषण का स्तर बढ़ा तब नगर निगम ने गुडग़ांव में खुदाई शुरू कर दी

गुडग़ांव। शहर में प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। लोगों विशेषकर बीमारों की हालत खराब हो रही है। नगर निगम की जिम्मेदारी प्रदूषण का स्तर कम करने की है, लेकिन नगर निगम बैठकें करके इस पर चिंता जाहिर करने के अलावा कुछ नहीं कर रहा। पानी का छिडक़ाव तक पूरे शहर में नहीं किया जा रहा है। शहर की सभी सडक़ों को धूल मुक्त तक नहीं किया गया है।

पंकज डावर ने कहा कि उन्होंने गुडग़ांव का प्रदूषण आज से नहीं बिगड़ा है। काफी समय से प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक हो रखा है। हर साल की यही कहानी है। बैठकों में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर काम नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि गुडग़ांव में हर सडक़ पर धूल-मिट्टी उड़ रही है। नगर निगम द्वारा टैंकरों से पानी का छिडक़ाव करने के दावे किए जा रहे हैं, इन दावों को सडक़ों पर देखा जा सकता है कि कैसा छिडक़ाव हो रहा है। हकीकत में काम ना तो मन से किया जा रहा है और ना ही ढंग से किया जा रहा है। ऐसे में प्रदूषण पर कैसे नियंत्रण होगा। पंकज डावर ने कहा कि वीरवार को गुडग़ांव का प्रदूषण स्तर एक्यूआई 388 तक पहुंच गया। लोगों की दिक्कत बढ़ गई। अधिकारी बैठकें करके प्रदूषण पर नियंत्रण के दावे करते रहे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शहर में आकर चले जाते हैं। उन्हें भी यहां की समस्याएं नजर नहीं आती। उनके रहते हुए भी यहां का एक्यूआई स्तर 320 था। ना तो उन्होंने अधिकारियों से इस बारे में सुधार पर कोई बात की ना ही वे इस पर चिंतित नजर आए। इससे यह पता चलता है कि सरकार गुडग़ांव की जनता की सेहत को लेकर कितनी सजग है। लोग प्रदूषण से बीमार हो रहे हैं, लेकिन इलाज कराने के लिए गुडग़ांव विधानसभा क्षेत्र में सरकारी अस्पताल तक नहीं है। बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में सेक्टर-10 सिविल अस्पताल है, उसी पर पूरे गुडग़ांव का बोझ है। इतने अधिक मरीज होने पर इलाज की गुणवत्ता क्या होगी, यह भी आसानी से समझ आ जाता है। पंकज डावर ने सरकार ना तो गुडग़ांव की जनता को शुद्ध हवा दे पा रही है। जब जनता बीमार हो जाती है तो उसे सरकार के स्तर पर ढंग का इलाज नहीं मिल पाता। गुडग़ांव की जनता पर भाजपा की सरकार अत्याचार कर रही है।

गुडग़ांव में सिविल अस्पताल तोड़ दिया गया, मगर बनाने के लिए छह महीने में एक बार चर्चा जरूर कर दी जाती है। इसके बाद फाइल फिर से ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है। पंकज डावर ने भाजपा के उन नेताओं से भी सवाल किया है कि वे अपनी सरकार के मुखियाओं के सामने आखिरकार गुडग़ांव की जनता की आवाज क्यों नहीं उठाते। पंकज डावर ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार सिर्फ भाजपा के लिए काम करती नजर आती है। जनता के लिए कुछ योजनाएं नहीं हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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