17 जनवरी से शुरू होंगी गवाहियां, आठ आरोपी कटघरे में
गुडगांव, 13 दिसम्बर (अशोक)। नाबालिग बच्ची एवं उसके परिवार से जुड़े वीडियो को कथित रूप से तोड़-मरोड़कर प्रसारित किए जाने के मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार शर्मा की अदालत में चल रही है। प्रकरण में कुल आठ आरोपी नामजद हैं।
गत सुनवाई के दौरान एक आरोपी अजीत अंजुम की ओर से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट को लेकर दायर की गई दो याचिकाएं उनके अधिवक्ता द्वारा वापस ले ली गईं, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए याचिकाओं को वापस लिए जाने के रूप में खारिज कर दिया। इसके पश्चात अदालत ने मामले में 17 जनवरी की तिथि अभियोजन साक्ष्य (गवाही) के लिए निर्धारित कर दी है।
मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा एवं सामाजिक संस्था जन जागरण मंच के हरि शंकर कुमार के अनुसार, अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश पारित करते हुए 17 जनवरी से गवाहियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत पहले ही सभी आठ आरोपियों—दीपक चौरसिया, चित्रा त्रिपाठी, सैयद सोहेल, अजीत अंजुम, अभिनव राज, सुनील दत्त एवं ललित बड़गुर्जर—के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में आरोप तय कर चुकी है।
गौरतलब है कि 2 जुलाई 2013 को पालम विहार क्षेत्र निवासी सतीश कुमार (काल्पनिक नाम) के घर संत आसाराम बापू का आगमन हुआ था। इस दौरान परिवार के सदस्यों सहित उनकी 10 वर्षीय भतीजी को भी आशीर्वाद दिया गया था और कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी। बाद में आसाराम बापू प्रकरण सामने आने के बाद कुछ टीवी चैनलों द्वारा उस वीडियो को प्रसारित किया गया।
परिजनों का आरोप है कि वीडियो को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर अश्लील एवं अभद्र तरीके से प्रसारित किया गया, जिससे उनकी और नाबालिग बच्ची की छवि धूमिल हुई तथा परिवार को मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। आहत होकर परिजनों ने इस संबंध में पालम विहार थाना में शिकायत दर्ज कराई थी।







