गुरुग्राम के रैन बसेरों पर ताले, बेघर खुले आसमान तले सोने को मजबूर : समाजसेवी गुरिंदरजीत सिंह

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कड़ाके की सर्दी में प्रशासन की बड़ी लापरवाही, सोहना चौक और राजीव चौक के रैन बसेरे बंद

गुरुग्राम, 8 दिसंबर — सर्दी लगातार तेज होती जा रही है और इस बीच गुरुग्राम के रैन बसेरों की बदहाली ने गरीब व बेघर लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने रविवार को शहर के प्रमुख रैन बसेरों का निरीक्षण कर स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एक महीने पहले रैन बसेरे चालू करने का दावा किया था, लेकिन हकीकत में अनेक रैन बसेरों पर अब भी ताले लटके हुए हैं। जहां खुले हैं, वहां न बिस्तर है, न कंबल, न सफाई, और न ही कोई ज़िम्मेदार कर्मचारी मौजूद है।

निरीक्षण में क्या मिला?
  • सोहना चौक पर बने कंटेनर रैन बसेरे में
    → न बेड, न साफ-सफाई
    → कोई कर्मचारी नहीं
    → बेघर लोग ठंड में सड़क किनारे सोने को मजबूर
  • राजीव चौक स्थित रैन बसेरा
    पूरी तरह बंद, ताला लगा मिला

सिंह ने कहा, “सड़क किनारे कूड़े के ढेर, कंटेनरों के पास शौचालय तक नहीं… सरकार कागज़ों में नहीं, जमीन पर काम करे।”

“बड़े नेता यहीं, फिर भी हालात इतने बदतर!”

उन्होंने सवाल उठाया कि गुरुग्राम में ही

  • कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी,
  • कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह,
  • सांसद इंद्रजीत सिंह,
  • विधायक मुकेश शर्मा
    रहते हैं।
    साथ ही एमसीजी में बीजेपी का पूर्ण बहुमत है और मेयर भी बीजेपी की, फिर भी यह हाल?

सिंह बोले — “अगर गुरुग्राम के रैन बसेरों की यह हालत है, तो अन्य जिलों का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।”

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Author: Bharat Sarathi

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