ग्रामीण भारत के अध्यक्ष विद्रोही का भाजपा सरकार पर हमला

रेवाडी, 25 नवंबर 2025 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर किसान विरोधी नीतियों को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में किया गया किसानों की आय दोगुनी करने का वादा आज 11 साल बाद भी अधूरा है, लेकिन किसानों पर कर्ज का बोझ कई गुना बढ़ गया है।
विद्रोही के अनुसार भाजपा की किसान विरोधी सोच के चलते खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है और एमएसपी केवल एक जुमला बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों पर किसी न किसी बहाने आर्थिक बोझ डालकर उनकी जेब काटने का काम कर रही है। इसका ताज़ा उदाहरण हरियाणा में ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन फीस में की गई भारी बढ़ोतरी है।
उन्होंने बताया कि जहां पहले ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन की फीस 1080 रुपये थी, वहीं भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर एक ही झटके में 10 गुना से भी अधिक यानी 10,485 रुपये कर दिया है। विद्रोही ने इसे “भाजपा-संघ की किसान विरोधी सोच की पराकाष्ठा” करार दिया।
विद्रोही ने कहा कि मोदी सरकार आने से पहले ट्रैक्टर खरीदने पर कोई टैक्स नहीं लगता था और मामूली फीस पर इसका रजिस्ट्रेशन हो जाता था। लेकिन भाजपा सरकार ने पहले ट्रैक्टर पर जीएसटी लगाकर किसानों की जेब काटी और अब रजिस्ट्रेशन फीस में भारी बढ़ोतरी कर उन पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में किसान पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का कोई अवसर नहीं छोड़ा। कांग्रेस सरकार के समय जिन कृषि संबंधी वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं था, भाजपा ने उन सभी पर टैक्स लगाकर फसल लागत को कई गुना बढ़ा दिया, लेकिन उसके अनुपात में किसानों को उचित एमएसपी नहीं दिया गया।
विद्रोही ने कहा कि हरियाणा में भाजपा 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत में खरीद नहीं करती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की “तारीख पर तारीख” बढ़ा रही है, जबकि किसान की आय 11 वर्षों से जस की तस है।
अंत में विद्रोही ने कहा कि किसान पर बढ़ते कर्ज का आंकड़ा ही इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। हरियाणा में प्रति किसान औसत कृषि कर्ज राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना अधिक है, जो दर्शाता है कि भाजपा सरकार किसान विरोधी फैसले लेकर किसानों को कर्ज के जाल में धकेल रही है।








