27 फरवरी व 28 फरवरी को अलग-अलग स्थानों पर कृत्रिम अंगों व सहायक उपकरणों के लिए किए जायेगें पंजीकरण ‌: हितेश कुमार मीणा

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–  दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिक कराए पंजीकरण : रेडक्रॉस सोसायटी गुरुग्राम  

– सभी दिव्यांगजन अपने पूरे कागज, सर्टिफिकेट लेकर आएं 

गुरुग्राम। हरियाणा राज्य शाखा चंडीगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के महासचिव डा. मुकेश अग्रवाल एवं उपायुक्त अजय कुमार व  अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार मीणा के दिशा-निर्देशन व रेडक्रॉस सचिव विकास कुमार के मार्गदर्शन में दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिकों के लिए कृत्रिम अंगों एवं सहायक उपकरणों के लिए 27 फरवरी व 28 फरवरी को पंजीकरण व परीक्षण कार्य शुरू हो रहा है। 

जिला अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार मीणा ने बताया कि ये शिविर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांग जन सशक्तिकरण निगम के अंतर्गत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) द्वारा रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से लगाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिला में पहला शिविर 27 फरवरी को रेडक्रॉस सोसायटी गुरुग्राम परिसर, चन्दन नगर एवं 28 फरवरी को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक (बाल) पटौदी में लगाया जाएगा। 

उन्होंने आगे बताया कि कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण लेने के लिए सभी दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिक अपने जरूरी कागजात पंजीकरण के लिए लेकर आएं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो। कृत्रिम अंगों के लिए सभी दिव्यांगों की जांच भी बारीकी से की जाएगी, ताकि उपकरण सही दिए जा सकें। सचिव के मुताबिक किसी भी श्रेणी के दिव्यांग पंजीकरण करा सकते हैं। दिव्यांगों को व्हील चेयर, कान की मशीन, तिपहिया साइकिल, बैसाखी आदि उपकरण निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कैंप निशुल्क रहेगा इसमें ना ही किसी उपकरण के पैसे लिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक अपनी उम्र का प्रमाण 60 साल, आय प्रमाण (15 हजार प्रति माह से कम हो), या बीपीएल श्रेणी का हो,  3 पासपोर्ट साइज फोटो भी पंजीकरण के लिए रेडक्रॉस कार्यालय में साथ लेकर आएं। दिव्यांगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र,  यूआईडी कार्ड आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और  4 पासपोर्ट साइज के फोटो  व सभी ओरिजनल कागज के साथ उनकी फोटो कॉपी भी अवश्य लाएं।

रेडक्रॉस सचिव विकास कुमार ने आमजन व सभी संस्थाओं, संस्थानों आदि से अपील की है कि अधिक से अधिक दिव्यांग जन को इस शिविर तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि उन्हें सुविधाएं दी जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि काफी लोग पूछताछ भी करने आते हैं तो वे पूछताछ करने आने वाले दिव्यांग अपने सभी कागजात लेकर आएं, ताकि मौके पर ही उनका पंजीकरण किया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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