अनिल विज के निर्देश पर रोहतक में बिजली विभाग की लापरवाही पर कार्रवाई

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*अनिल विज के निर्देश पर रोहतक में बिजली विभाग की लापरवाही पर कार्रवाई* 

*बिजली आपूर्ति में लापरवाही: रोहतक में एक कर्मचारी निलंबित, जेई को चार्जशीट* 

चंडीगढ़, 15 फरवरी 2025 – हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज द्वारा 2 फरवरी 2025 को राजीव गांधी विद्युत भवन, यूएचबीवीएन, रोहतक का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सर्कल रोहतक के अंतर्गत बिजली सेवा केंद्र में लंबित विद्युत शिकायतों की समीक्षा की और पाया कि कई शिकायतों का समाधान निर्धारित चार घंटे की समय-सीमा में नहीं किया गया था। इस पर उन्होंने कार्यकारी अभियंता, ऑपरेशन सर्कल, यूएचबीवीएन, रोहतक को जांच के निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा। 

जांच में कुल छह शिकायतें सामने आईं, जिनमें से चार का समाधान समय-सीमा के भीतर किया गया, जबकि दो शिकायतें देरी से हल हुईं। ये शिकायतें श्री जय नारायण, गांव हमायूपुर से संबंधित थीं, जिन्हें उनके पोते श्री राहुल द्वारा एपी कनेक्शन पर विद्युत आपूर्ति बाधित होने के संबंध में दर्ज कराया गया था। 

जांच में पाया गया कि जूनियर इंजीनियर श्री विकास कौशिक और लाइनमैन श्री रामबीर इन मामलों में लापरवाही के लिए जिम्मेदार थे। 1 फरवरी 2025 को सुबह 6:40 बजे हमायूपुर एपी फीडर की 11 केवी लाइन खराब हो गई थी, जिसे 10:25 बजे तक ठीक कर दिया गया, लेकिन प्रभावित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई। इससे जेई की उदासीनता स्पष्ट होती है। क्षेत्र के प्रभारी होने के बावजूद उन्होंने व्यक्तिगत रूप से साइट का निरीक्षण नहीं किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि उन्होंने शिकायतों के समाधान में रुचि नहीं ली। साथ ही, जेई द्वारा बिना पीटीडब्ल्यू मंजूरी के अपने अधीनस्थों को कार्य करने की अनुमति दी गई, जिससे गंभीर दुर्घटना का खतरा बना। इसे घोर लापरवाही माना गया है। 

तदनुसार, कार्यकारी अभियंता, रोहतक द्वारा लाइनमैन श्री रामबीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि जेई श्री विकास कौशिक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मामला यूएचबीवीएन मुख्यालय, पंचकूला भेज दिया गया है। 

यूएचबीवीएन पंचकूला ने मामले की समीक्षा के बाद जेई श्री विकास कौशिक को चार्जशीट जारी कर 30 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो इसे दोषस्वीकृति मानकर उनके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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Author: Bharat Sarathi

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