खेडक़ीदौला टोल पर यू-टर्न बंद करके टोल वसूली करना गलत: पंकज डावर

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मानेसर की तरफ से यू-टर्न लेने वाले वाहन चालक हो रहे परेशान

-खेडक़ीदौला टोल हटना तो दूर कट बंद करके बढ़ाई परेशानी

गुरुग्राम । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज डावर ने कहा कि पुलिस द्वारा खेडक़ीदौला टोल पर मानेसर की तरफ से टोल से पहले यू-टर्न को बंद करके वाहन चालकों के लिए परेशानी खड़ी कर दी गई है। टोल हटने के लिए दावे करने वाले भाजपा के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री को जनता की इस समस्या के लिए आगे आना चाहिए।

पंकज डावर ने कहा कि खेडक़ीदौला टोल से पहले कट काफी समय से खुला था। मानेसर की तरफ से आने वाले वाहन चालक वहां से यू-टर्न लेकर वापस मानेसर भी जाते थे। जिन्हें एसपीआर रोड से फरीदाबाद, बादशाहपुर व अन्य क्षेत्रों में जाना होता, वे भी यहीं से यू-टर्न लेते थे। इस यू-टर्न के बंद होने के बाद अब वाहन चालकों को मजबूरी में टोल प्लाजा पार करके फिर से वापस टोल प्लाजा पार करके एसपीआर रोड पर जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें दो बार टोल देना पड़ रहा है। यह वाहन चालकों के साथ सरासर नाइंसाफी है। एक तरह से टोल प्रबंधन के साथ यह मिलीभगत भी हो सकती है। वाहन चालकों से टोल के नाम पर लूट शुरू कर दी गई है।

पकंज डावर ने कहा कि भाजपा के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री खेडक़ीदौला टोल प्लाजा को आगे शिफ्ट करने के नाम पर राजनीति तो वर्षों से करते आ रहे हैं, लेकिन जनता की इस समस्या पर वे चुप हैं। उन्हें जनहित में आगे आकर बंद किए गए टोल से पहले के कट को खुलवाना चाहिए, ताकि वाहन चालक दो बार टोल दिए बिना ही वहां से निकल सकें। इस कट को बंद करके वाहन चालकों को परेशान करने वाले पुलिस अधिकारियों और टोल प्लाजा के लोगों की भी जवाबदेही होनी चाहिए। उन पर कार्यवाही भी हो।

उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर एक समस्या और है। यहां के आसपास के गांवों के लोगों के लिए टोल फ्री है। उनसे टोल राशि नहीं वसूली जा सकती। टोल प्रबंधन इस नियम की धज्जियां उड़ाते हुए आसपास के गांव वालों की गाडिय़ों का भी टोल काट लेता है। लोगों की शिकायत है कि जब गाड़ी टोल से गुजरती है तो कोई मैसेज नहीं आता। रात के समय या फिर 10-12 घंटे के बाद ही टोल राशि कटने का मैसेज आता है। इस तरह से लोगों के साथ ठगी टोल प्रबंधन कर रहा है। पंकज डावर ने कहा कि शासन, प्रशासन को ऐसी गतिविधियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगानी चाहिए। आसपास के ग्रामीणों की गाडिय़ों से वसूली गई टोल राशि वापिस की जानी चाहिए।

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Author: Bharat Sarathi

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