हरियाणा में सूचना आयुक्त के आधे से अधिक पद रिक्त, अधिकतम  10 में से 4 आयुक्त ही कार्यरत

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अगले माह मुख्य सूचना आयुक्त विजय वर्धन और एक अन्य सूचना आयुक्त एस.एस. फुलिया का भी हो रहा कार्यकाल पूरा

अप्रैल, 2023 के बाद हरियाणा सूचना आयोग में एक भी सूचना आयुक्त की नहीं हुई नियुक्ति — हेमंत

चंडीगढ़- हरियाणा राज्य सूचना आयोग, जो सूचना का अधिकार (आर.टी.आई.) कानून, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत गठित किया गया है, में वर्तमान में राज्य सूचना आयुक्तों (स्टेट इनफॉर्मेशन कमिश्नर) के आधे से अधिक पद रिक्त हैं.

गत सप्ताह 27 जनवरी 2025 को ज्योति अरोड़ा, रिटायर्ड आईएएस का सूचना आयुक्त के तौर पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया. 28 जनवरी 2022 को ज्योति ने शपथ ग्रहण कर आयोग में बतौर सूचना आयुक्त का पद संभाला था.

बहरहाल, अगले माह बाद 24 मार्च 2025 को मौजूदा राज्य मुख्य सूचना आयुक्त विजय वर्धन, रिटायर्ड आईएएस और प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव और एक अन्य सूचना आयुक्त डॉ. एस.एस. फुलिया, रिटायर्ड आईएएस का तीन वर्षों का कार्यकाल भी पूरा हो जाएगा.

वर्तमान में फुलिया के अतिरिक्त आयोग में तीन अन्य सूचना आयुक्त नामत: डॉ. कुलबीर छिकारा, प्रदीप कुमार शेखावत और डॉ. जगबीर सिंह हैं जिन तीनों की नियुक्ति अप्रैल,2023 में की गई थी. इनमें से छिकारा और जगबीर का कार्यकाल तो अगले वर्ष अप्रैल,2026 तक है जबकि शेखावत का कार्यकाल इसी वर्ष अक्टूबर,2025 में पूरा हो जायेगा.

इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और आर.टी.आई. मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि इस प्रकार हरियाणा सूचना आयोग में आज की तारीख में कानूनन सूचना आयुक्त के अधिकतम भरे जा सकने वाले 10 पदों में से आधे से भी अधिक अर्थात कुल 6 पद रिक्त हैं. अप्रैल, 2023 के बाद हरियाणा सरकार द्वारा सूचना आयोग में एक भी रिक्त पद को भरने की कवायद आरम्भ नहीं की गयी है.

हेमंत ने बताया कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों अनुसार सूचना आयुक्त का कार्यकाल पदभार संभालने से तीन वर्ष या उसकी आयु 65 वर्ष होने तक, जो भी पहले हो, तक होता है. हालांकि 24 अक्टूबर 2019 से पहले, अर्थात संसद द्वारा आर.टी.आई. कानून में किये गये संशोधन के लागू होने से पूर्व, इस कार्यकाल की समय अवधि तीन वर्ष की बजाय पांच वर्ष होती थी.

बहरहाल, हेमंत ने आगे बताया कि आर.टी.आई. कानून, 2005 के अनुसार राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के अतिरिक्त अधिकतम 10 सूचना आयुक्त नियुक्त हो सकते हैं. हालांकि प्रदेश सरकार उससे कम सूचना आयुक्त भी नियुक्त कर सकती है.

मौजूदा तौर पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त दोनों पदों का वेतन सवा दो लाख रुपये प्रतिमाह है. कानून में उक्त पदों की योग्यता के बारे में उल्लेख है कि वह विधि (कानून), विज्ञान-प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंपर्क माध्यम, प्रशासन और शासन में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले समाज के प्रख्यात व्यक्ति होंगे.

आयोग में राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के प्रक्रिया के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की सर्च कमेटी जितने भी इन पदों के लिए आवेदन प्राप्त होते हैं उनमें से जितने रिक्त पदों को भरा जाना है, उससे तीन गुना नामों को शॉर्टलिस्ट करती है.

हेमंत ने बताया कि सर्च कमेटी द्वारा शॉर्टलिस्ट किये गए पैनल में से प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय वैधानिक कमेटी जिसमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश का एक कैबिनेट मंत्री, जिसे भी मुख्यमंत्री नामित करें, भी शामिल होता है, यह कमेटी उक्त पदों पर फाइनल चयन करती है. चूँकि अगले माह वर्तमान राज्य मुख्य सूचना आयुक्त विजय वर्धन का कार्यकाल पूरा हो रहा है, इसलिए प्रदेश सरकार को इसी माह उस पद को भरने की कवायद आरम्भ करने होगी.

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Author: Bharat Sarathi

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