“हिंदुस्तान अपनी परंपराओं के लिए जाना जाता है – ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हमारे धार्मिक अनुष्ठान तथा सनातन परंपराएं ही हमें हिंदुस्तान बनाती हैं” – अनिल विज

आज बसंत पंचमी है और आज उमंग, जोश, संगीत, ज्ञान, झूम कर नाचने, गाने, हंसने और हंसाने का दिन – अनिल विज

“भजनों को गुनगुनाने से हमारा तन, मन और आत्मा पवित्र और शुद्ध होगी और यही जीवन का मूल मंत्र है” – विज

विज ने आज रोहतक में परम सिद्ध संकट मोचन मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को किया संबोधित

चंडीगढ़, 2 फरवरी – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि “हिंदुस्तान अपनी परंपराओं के लिए जाना जाता है और हमारे धार्मिक अनुष्ठान तथा सनातन परंपराएं ही हमें हिंदुस्तान बनाती हैं”।

श्री विज आज रोहतक में परम सिद्ध संकट मोचन मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने गद्दीनशीन परम पूज्य गुरु मां साध्वी मानेश्वरी देवी जी से आशीर्वाद भी लिया। इस मौके पर दीदी मीनाक्षी जी तथा अन्य साधु व संत भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में सुंदरकांड कांड पाठ और हनुमान कथा भी की गई और भजन गाते गए।

आज बसंत पंचमी है और आज उमंग, जोश, संगीत, ज्ञान, झूम कर नाचने, गाने, हंसने और हंसाने का दिन – विज

विज ने कहा कि आज बसंत पंचमी है और आज उमंग, जोश, संगीत, ज्ञान, झूम कर नाचने, गाने, हंसने और हंसाने का दिन है। आज मां सरस्वती का दिन भी है और कड़ाके की सर्दी के बाद आज रितु करवट लेती है। मूर्छाए हुए फूल खिलने शुरू होते हैं, मौसम में बाहर आती है और घरौंदे में बैठे पशु और पक्षी भी बाहर निकलते हैं और प्रकृति का आनंद लेते हैं क्योंकि ईश्वर ने धरती बहुत सुंदर बनाई है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से रूबरू होते हुए कहा कि “इस मंदिर में मैं पहले भी आया हूं यहां के आयोजक आज के दिन यह आयोजन करते हैं।उन्होंने कहा कि मैं देख रहा हूं कि आज यहां बैठे लगभग सभी लोगों ने पीला रंग धारण किया हुआ है। यह इस बात का प्रतीक है कि आई बसंत- पाला उडत, यानी ठंड गई अच्छा मौसम आया है तथा इस मौसम में सभी चेहरे खेलेंगे और बढ़-चढ़कर अपने-अपने कार्यों में लगेंगे”।

“भजनों को गुनगुनाने से हमारा तन, मन और आत्मा पवित्र और शुद्ध होगी और यही जीवन का मूल मंत्र है” – विज

विज ने कहा कि प्रभु की आराधना तो हम हर हाल में करते ही रहते हैं और यह आराधना झूम कर, गाकर करेंगे तो और भी अच्छा होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि थोड़ी देर पहले यहां से बहुत सुंदर-सुंदर भजन गाकर सुना गए हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम इन भजनों को थोड़ा-थोड़ा बांधकर अपने घर ले जाएंगे क्योंकि प्रसाद तो सभी खाएंगे लेकिन आज भजनों को भी बांधकर लेकर जाना है और इनको हम कभी-कभी गुनगुनाएंगे और इससे हमारा तन, मन और आत्मा पवित्र और शुद्ध होगी और यही जीवन का मूल मंत्र है”।

इस मौके पर अनिल विज श्रद्धालुओं के साथ राधेश्याम राधे बोल भजन पर झूम उठे। इस दौरान भजन गायको ने ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज के ऊपर फूल बरसाकर उनका स्वागत भी किया तथा उन्हें प्रसाद के रूप में एक माला भी पहनाई। इस मौके पर श्री विज ने भी वहां पर गद्दीनशीन परम पूज्य गुरु मां साध्वी मानेश्वरी देवी जी, दीदी मीनाक्षी जी तथा अन्य साधु व संतों को माला पहनाकर उनका आशीर्वाद लिया।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

error: Content is protected !!