गुरुग्रामः 27 फरवरी 2024

▪️अभियोग का संक्षिप्त विवरणः पुलिस थाना साईबर अपराध मानेसर गुरुग्राम में एक व्यक्ति ने एक लिखित शिकायत के माध्यम से बताया कि दिनांक 18.11.2023 को उसके मोबाईल फोन पर कॉल आई कि और फोन करने वाले व्यक्ति ने उसको अपना परिचय उसके दोस्त देवेन्द्र के रुप में कराया और अपने विश्वास में लेकर कहा कि उसका बेटा होस्पिटल में एडमिट है और उसको इस चीज के लिए 10 हजार रुपए ट्रान्सफर करने के लिए कहा। उसके बाद उसने एक यू.पी.आई. आई.डी. भेजकर कहा कि यह मेरे भतीजे के बैंक अकाउण्ट में ट्रान्सफर करवा दो तो इसने उसके द्वारा भेजी गई यू.पी.आई. आई.डी. पर उसे 10 हजार रुपए ट्रान्सफर कर दिए। इसको किसी ने विश्वास में लेकर धोखे से इससे रुपए ट्रान्फर कराकर इसके साथ ठगी की है। इस शिकायत पर थाना साईबर अपराध मानेसर, गुरुग्राम में सम्बन्धित धाराओं के तहत अभियोग संख्या 24 अंकित किया गया।

▪️पुलिस कार्यवाहीः निरीक्षक संदीप अहलावत, प्रबन्धक थाना साईबर अपराध मानेसर, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए उपरोक्त अभियोग की वारदात में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपियों सहित कुल 04 आरोपियों को काबू करने में बङी सफलता हासिल की है। आरोपियों की पहचान मोहित राठी, महेश कुमार, विश्वकर्मा मौर्या व हयात के रुप में हुई। पुलिस टीम द्वारा दिनांक 21.02.2024 को बिलासपुर (गुरुग्राम) से आरोपी मोहित राठी को, दिनांक 22.02.2024 को गाँव कलवाङी से आरोपी महेश कुमार को, दिनांक 26.02.2024 को आरोपी विश्वकर्मा मौर्या को मानेसर से तथा आरोपी हयात को मेवात से काबू करके अभियोग में निमानुसार गिरफ्तार किया गया।

▪️आरोपियों का संक्षिप्त विवरणः

  1. मोहित राठी निवासी गाँव राठीवास, जिला गुरुग्राम (उम्र 25 वर्ष)
  2. महेश कुमार निवासी गाँव कलवाङी, थाना बिलासपुर, जिला गुरुग्राम (उम्र 27 वर्ष)
  3. विश्वकर्मा मौर्या निवासी गाँव रामुपुर, जिला महु, उत्तर-प्रदेश (उम्र 28 वर्ष)
  4. हयात निवासी गांव सालाका, जिला मेवात (उम्र 22 वर्ष)

▪️पुलिस पूछताछः आरोपियों से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपी मोहित राठी (एसीस्टेन्ट मैनेजर), आरोपी महेश कुमार (डिप्टी मैनेजर) व आरोपी विश्वकर्मा मौर्या (डिप्टी मैनेजर) सभी कोटेक महिन्द्रा बैंक शाखा एम.जी. रोङ में कार्यरत थे। उपरोक्त आरोपी हयात के माध्यम से ये मेवात में साईबर ठगी के सरगना से मिले थे और उसके बाद से ये लगातार साईबर ठग के सम्पर्क में रहकर उसे साईबर ठगी की वारदातों को अन्जाम देने में प्रयोग करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले ये साईबर ठग से 15-20 हजार रुपए प्रति बैंक खाता उपलब्ध कराने के लेते थे। पहले ये उपरोक्त आरोपी हयात के माध्यम से साईबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और अभी वर्तमान में साईबर ठगों से इनका सीधा सम्पर्क था। उपरोक्त अभियोग में भी शिकायतकर्ता/पीङित से साईबर ठग द्वारा जिस बैंक खाते में रुपए ट्रान्सफर कराए थे वो बैंक खाता भी उपरोक्त आरोपियों द्वारा ही खोला गया था व इनके द्वारा ही साईबर ठगो को उपलब्ध कराया गया था। उपरोक्त आरोपी मोहित राठी, महेश कुमार व विश्वकर्मा मौर्या पिछले करीब 07 महिनों से कोटैक महिन्द्रा बैंक में नौकरी कर रहे थे और इस दौरान ये करीब 02 हजार बैंक खाते खोल चुके थे। क्या यह सभी बैंक खाते फ्रॉड करने के लिए इस्तेमाल हुए है या नही, इस संबंध में अनुसंधान जारी है। ये (आरोपी) बिलासपुर एरिया में स्थित कम्पनियों में कार्य करने वाले कच्चे कर्मचारियों को गुमराह करके उनसे उनके दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे तथा उनके नाम से बैंक खाता खोलकर बैंक खाते की किट अपने पास रख लेते थे, फिर इन्हीं बैंक खातों को ये साईबर ठगों को दे देते थे।

▪️बरामदगीः पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जा से 02 मोबाईल फोन बरामद किए गए है।

▪️आगामी कार्यवाहीः पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त आरोपियों द्वारा खोले गए बैंक खातों का विवरण प्राप्त किया जा रहा है तथा आरोपियों से अन्य साथी आरोपियों व अन्य वारदातों के बारे में भी गहनता से पूछताछ की जा रही है, पुलिस पूछताछ में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी। अभियोग अनुसंधानाधीन है।

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