आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम हो या अब योग दिवस हो, वे हर कार्यक्रम को भाजपा का इवेंट बनाकर वोट बैंक की गंदी व औच्छी राजनीति करते है : विद्रोही
सदियों से पुरी दुनिया में भारत के योग शिक्षक योग आसन की कक्षाएं लगाकर पूरी दुनिया को योग के महत्व से अवगत कराते आ रहे है : विद्रोही
सरकारी पैसों, सरकारी संसाधनों व प्रशासन के प्रबंधन में मनाये जा रहे योग दिवस में केवल भाजपा सांसदों, विधायकों, मंत्रीयों, नेताओं को ही मुख्यातिथि क्यों बनाया ? विद्रोही

20 जून 2023 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने विश्व योग दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देतेे हुए आग्रह किया कि शरीर व मन को स्वस्थ रखने नियमित खुद भी योग आसन करे और अनपे मित्रों, परिजनों को भी योग आसन करने को प्रोत्साहित करे। विद्रोही ने कहा कि भारत में आमजन सदियों से योग आसन करके अपने शरीर व मन को स्वस्थ रखते आये है। वहीं संयुक्त राष्ट्र संघ के 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित करने से वर्षो पहले पुरी दुनिया में भारत के योग शिक्षक योग आसन की कक्षाएं लगाकर पूरी दुनिया को योग के महत्व से अवगत कराते आ रहे है। यह दूसरी बात है कि शरीर व मन को स्वस्थ रखने वाले योग को कुछ लोगों ने व्यापार बनाकर पैसा कमाने का साधन बनाकर ऐसा प्रदर्शित करने लगे है कि मानो उन्होंने ही देश, दुनिया में योग की प्रतिष्ठा स्थापित की हो। ऐसे स्वयंभू योग अलम्बरदारों के योग की बजाय योग को व्यापार बनाकर व राजनीति का औजार बनाकर योग की बजाय अपने निजी स्वार्थो को पूर्ति करके योग के नाम पर धन जरूर बटोर लिया। 

विद्रोही ने कहा कि हरियाणा भाजपा सरकार ने 21 जून के योग दिवस कार्यक्रम को भाजपा कार्यक्रम में बदलकर औच्छी व गंदी राजनीति की। सवाल उठता है कि सरकारी पैसों, सरकारी संसाधनों व प्रशासन के प्रबंधन में मनाये जा रहे योग दिवस में केवल भाजपा सांसदों, विधायकों, मंत्रीयों, नेताओं को ही मुख्यातिथि क्यों बनाया? कांग्रेस-विपक्ष के एक भी सांसद व विधायक, नेता को योग दिवस कार्यक्रम में सरकार व प्रशासन ने मुख्यातिथि क्यों नही बनाया? जिस तरह हरियाणा भाजपा खट्टर सरकार आजादी के अमृत महोत्सव अवसर पर गणतंत्र व स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस-विपक्ष को दूर रखा, उसी तरह अब योग दिवस पर भी विपक्ष की उपेक्षा करके भाजपा ने जता दिया कि उसके लिए चाहे आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम हो या अब योग दिवस हो, वे हर कार्यक्रम को भाजपा का इवेंट बनाकर वोट बैंक की गंदी व औच्छी राजनीति करते है। विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपाई-संघी ऐसी औच्छी-गंदी राजनीति इसलिए करते है कि क्योंकि संघीयों का न तो आजादी आंदोलन में कोई योगदान था और न ही भारत में लोकतंत्र स्थापित करने व उसकी जड़े मजबूत करने मेें योगदान रहा। जनसंघ-भाजपा-संघ ने तो सदैव ही साम्प्रदायिक उन्माद, नफरत व बटवारे की राजनीति करके भारत में लोकतंत्र, लोकतांत्रिक परम्पराओं, बहुतलवादी सोचे व गंगा-जामुनी तहजीब को ही तहस-नहस करने का काम किया है और आज भी वे उसी एजेंडे के तहत देश-समाज में साम्प्रदायिक व नफरत फैलाकर समाज-देश को तोड व बाट रहे है। 

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