-कमलेश भारतीय

भाजपा जजपा सरकार के अब तक के आठ साल और कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के दस साल का हिसाब पूछा और बताया जा रहा है आदमपुर उपचुनाव में ! कहीं कहीं इन्हीं हिसाब में सवाल भी पूछे जा रहे हैं , दोनों ओर से कि क्या किया और क्या नहीं ! प्रतिदिन हिसार के भाजपा कार्यालय में मंत्रियों और भाजपा नेताओं की मीडिया के सामने सवाल जवाब में भी अनेक बातें निकल कर आती हैं । बार बार बंद किये गये गवर्नमेंट स्कूलों का सवाल , आदमपुर की उपेक्षा और बदहाली का सवाल तो राम रहीम की पैरोल का सवाल ! दुष्यंत और बृजेंद्र के प्रचार में आने का सवाल ।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा राज्यसभा सदस्य दीपेन्द्र हुड्डा , प्रत्याशी जयप्रकाश कांग्रेस के शासनकाल के दस साल की उपलब्धियां गिनाते हैं । जैसे आदमपुर क्षेत्र में पेयजल की कमी दूर करने के लाए सत्रह वाटर वर्क्स बनवाने की चर्चा , बालसमंद में गवर्नमेंट काॅलेज की चर्चा , लुदास विश्वविद्यालय बनाने , खेदड़ में बिजली प्लांट जैसे विकास के काम गिनवाते आदमपुर के विधायक रहे कुलदीप बिश्नोई की खामोशी को उठाया जाता है कि चाहे संसद में रहे , चाहे विधानसभा में क्षेत्र के बारे में कभी आवाज नहीं उठाई । सासंद निधि भी पूरी खर्च नहीं की । अनेक सवाल और अपनी तरह के जवाब ।

कुलदीप बिश्नोई सारा ठीकरा पूर्व मुख्यमंत्री पर ही फोड़ते हर जनसभा में कह रहे हैं कि आदमपुर की घोर उपेक्षा की गयी । अब दो दशक से भी ऊपर समय के बाद आदमपुर का वनवास खत्म हुआ है । अब सरकार से काम करवायेंगे । इसलिए सत्ताधारी दल में आये ।

आरोप लगाये जा रहे हैं कि पिछले एक साल से कुलदीप बिश्नोई मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सम्पर्क में थे लेकिन तब भी आदमपुर के विकास के लिए नहीं बल्कि अपनी और भव्य की राजनीति के बारे में ही डील की । खुद हिसार लोकसभा सीट से तो भव्य आदमपुर से उपचुनाव से चुनाव लड़ेंगे । यह खुली बात कही जा रही है । इसीलिए हिसार के भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह भी नाराज हैं कि उनकी फोटो तक पोस्टर में नही है जबकि लोकसभा चुनाव में भव्य आदमपुर से भी हार गये थे , जो खतरे की घंटी से कम नहीं है । हालांकि बृजेंद्र सिंह ने ही मीडिया में मज़ेदार बात कही कि भव्य की एक बार तो जयप्रकाश की तीन तीन बार जमानत जब्त हुई है मुकाबला रोचक दौर में पहुंच चुका है खुद मनोहर लाल खट्टर अपने आठ साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर आदमपुर आने वाले हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा अपने शासनकाल की उपलब्धियां गिनवा रहे हैं और याद दिला रहे हैं ।

यानी आदमपुर आठ साल बनाम दस साल का मैच खेल रहा है । अपनी अपनी उपलब्धियां और दूसरों पर कुछ न करने के आरोप । यही चल रहा है । जनता देर रात इन नेताओं की बातें सुन रही है । मन बना रही है । बाहरी और भारी प्रत्याशी को तोल कर देख रही है । दलबदल देख रही है । सभी ने दल बदले हैं , सभी ने झंडे बदले हैं । तभी तो चौ रणजीत चौटाला कह रहे हैं कि कभी मैंने चौधरी भजनलाल के खिलाफ आदमपुर से चुनाव लड़े लेकिन आज बदलाव देखिए कि उनके पोते के लिए वोट मांग रहा हूं । है तो बदली हवा का नज़ारा न !

खैर आप पार्टी के पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी आदमपुर में रोड शो कर गये और कुछ गांवों में वोट की अपील ! पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी अभी अपनी उम्र व सेहत के बावजूद नाॅट आउट हैं और धुआंधार प्रचार में जुटे देखे जा सकते हैं !
देखिए किस करवट बैठता है आदमपुर का चुनाव ।
-पूर्व उपाध्यक्ष, हरियाणा ग्रंथ अकादमी ।

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