पंचकूला, 25 जुलाई। हरियाणा महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सुधा भारद्वाज का कहना है कि राज्य सरकार को अपने स्कूल खोलने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। क्योंकि यह उचित समय नहीं है कि बच्चों को स्कूलों में बुलाया जाए । उन्होंने कहा कि जब हरियाणा सरकार स्वयं विधानसभा का सत्र बुलाने से डर रही है तो फिर मासूम बच्चों को कोरोना जैसी इस भयंकर बीमारी के दौर में बच्चों को जानबूझकर मुसीबत में डालने की क्या सूझ रही है। उन्होंने कहा कि यह सब सरकार निजी स्कूलों के दबाव में आकर कर रही है जो कि किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता
सुधा भारद्वाज ने कहा कि हरियाणा के शिक्षा मंत्री का कहना है की सरकार जल्द स्कूल खोलने बारे विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस बारे मे गंभीरता से सोचना चाहिए कि जब सरकार विधानसभा का सत्र नहीं लगा रहा है तो क्या ऐसे में स्कूल खोलना उचित होगा जबकि आज देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 13 लाख पार कर गया है। उन्होंने कहा कि रोजाना प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में जिस तरह से वृद्धि हुई है, जो कि बहुत ही गभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। ऐसे में स्कूल में मासूम बच्चे कैसे सुरक्षित रहेंगे और कौन लेगा इनकी जिÞम्मेवारी।उन्होंने पूछा कि क्या छोटे-छोटे बच्चों के लिए 6 घंटे मास्क लगाना संभव है। क्या बच्चे सोशल डिस्टन्सिंग को समझ पाएंगे, क्या वे उसकी पलना कर पाएंगे? उन्होंने कहा कि महज निजी स्कूलों के दबाव में आकर छोटे-छोटे बच्चों की जान जोखिम में डालना किसी भी तरह से उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया की अभी स्कूलों को न खोला जाए। क्योंकि ऐसा करना बच्चों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए उचित समय का इंतजार किया जाना अति आवश्यक है अगर निजी स्कूल या संस्थाएं कुछ समय के लिए और पैसा नहीं कमाएंगे तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन जिनके बच्चे इस भयंकर बीमारी की चपेट में आ गए उसके लिए जिम्मेदारी कौन लेगा।