चण्डीगढ, 16 जून. हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आज कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन चंडीगढ़ डिपो में किया गया, जिसकी अध्यक्षता डिपो प्रधान राजेश बेरला, सत्यवान ढुल व सतीश कुमार ने सयुंक्त रूप से की। मंच- संचालन श्रवण कुमार जांगड़ा ने किया। कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य वक्ता तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता इन्द्र सिंह बधाना, आजाद सिंह गिल व नसीब जाखड़ ने कहा कोरोना महामारी की आड़ में सरकार हरियाणा रोड़वेज को बरबाद करने पर तुली हुई है।
प्रांतीय नेताओं ने बोलते हुए कहा कि सरकार द्वारा 1993 से लेकर अब तक प्राइवेट परमिट देने कि जितनी भी पॉलिसी बनाई गई हैँ। वो सभी माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी गई हैँ, सरकार द्वारा पांच बेरोजगार युवावों कि परिवहन सहकारी समितियां बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में बसें चलाई गई थी वो आज निर्धारित रूटों कि बजाय जिला मुख्यालय से जिला मुख्यालय चल रही हैँ। जिससे ग्रामीण क्षेत्र कि जनता परिवहन से वँचित हो गई है और सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है फिर भी सरकार कि ऐसी क्या मजबूरी है, सामाजिक, आर्थिक और रोजगार व सेवा कि किसी भी कसौटी पर खरी न उतरने वाली स्टेज कैरीज स्कीम को क्यों लागु कर रही है। जबकि राज्य परिवहन स्थाई रोजगार, बेहतर सेवा, सस्ती सुलभ व समयबद्व कसौटी पर खरी उतरती है तो सरकार इसको खुर्द बुर्द करने पर क्यों तुली है? पिछले लम्बे अनुभव के आधार पर हम इसका आकलन करते हैँ तो कोई ठोस कारण सामने नहीं आ रहा है फिर भी सरकार अपने चेहते पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के मकसद से सारा खेल रच रही है।
सरकार कि मन्सा तो इस बात से भी स्पष्ट हो जाती है कि चार जून कि परिवहन मंत्री कि अध्यक्षता में हुई तालमेल कमेटी कि मीटिंग में ज़ब बसों कि बीमा अवधि समाप्त होने बारे संज्ञान में लाया गया तो तालमेल कमेटी के सामने अतिरिक्त परिवहन आयुक्त द्वारा हाँ कर दी गई परन्तु कार्यालय की फाइल सरकार को भेजी गई तो यह कहकर वापिस लोटा दी गई कि कोरोना महामारी के समय में हम जितनी बसों का उपयोग कर रहे हैँ हमारे पास उतनी बीमा कि हुई बसें हैँ, इसलिए बसों का बीमा नहीं करवाया जा सकता l
उन्होंने बताया परिवहन मंत्री द्वारा कहा गया कि बहुत सारे सामाजिक संगठन, NGO. महामारी के दौर में सेवा कर रहें हैँ। अगर रोडवेज के कर्मचारियों ने अपनी जेब से खर्चा कर दिया तो दान या सेवा समझ कर छोड़ दे जबकि उत्तरप्रदेस व हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना के समय ड्यूटी कर रहें कर्मचारियों को एक हजार रूपये प्रोत्साहन राशि देने का पत्र जारी किया हुआ है मंत्री के कथन और दोनों राज्यों कि सरकारों द्वारा जारी किया गया पत्र एक दूसरे के विपरीत एवं हास्यास्पद है। हमारे एतराज व सुझाओं को दर किनार कर सरकार ने समयसारणी कि मीटिंग शुरू कर दी है जिसका रोडवेज तालमेल कमेटी द्वारा हर स्तर पर विरोध किया जा रहा है इसी कड़ी में 8 जून को सभी महाप्रबन्धक के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेज चूके हैँ l आज चण्डीगढ,जींद व रेवाड़ी डिपो से कार्यकर्ता सम्मेलन में कर्मचारियों को निजीकरण के खिलाफ तीखे आन्दोलन के लिए तैयार करने की शुरुआत की है। आज के सम्मेलन में राज्य के उपमहासचिव बलबीर जाखड़, सोमबीर सिंह, बिजेन्दर रुहेला, राजेश सांगवान, बिजेन्दर दहिया, मुकेश कुमार आदिनेताओं ने सरकार की कर्मचारी व जन विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की।