हरियाणा दिवस से मध्यम आय वर्ग के परिवारों को भी मिलेगा चिरायु योजना का लाभ : डीसी उत्तम सिंह

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सालाना 4,000 और 5,000 रुपये के अंशदान पर मिलेगा 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

1 नवंबर से लागू होगी विस्तारित योजना, परिवार पहचान पत्र के माध्यम से सत्यापित होगी पात्रता

गुरुग्राम, 28 अक्टूबर। हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चिरायु स्वास्थ्य योजना का विस्तार किया गया है। अब 3 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले पात्र परिवार भी निर्धारित वार्षिक अंशदान देकर योजना के तहत प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल उपचार प्राप्त कर सकेंगे। यह विस्तारित व्यवस्था 1 नवंबर, 2026 यानी हरियाणा दिवस से लागू होगी।

डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि योजना के विस्तार से मध्यम आय वर्ग के परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने और महंगे उपचार पर होने वाले खर्च से राहत मिलेगी। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, 3 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये तक की सत्यापित वार्षिक आय वाले परिवारों को सालाना 4,000 रुपये, जबकि 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को 5,000 रुपये का अंशदान देना होगा। पात्र परिवार पैनलबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार करवा सकेंगे। परिवार की पात्रता का सत्यापन परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के डेटाबेस के माध्यम से किया जाएगा।

डीसी ने बताया कि चिरायु योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रावधानों के अनुरूप संचालित होती है। इसके तहत सर्जरी, चिकित्सा उपचार और डे-केयर प्रक्रियाओं सहित 2,694 उपचार पैकेज उपलब्ध हैं। निर्धारित पैकेज के अंतर्गत आवश्यक दवाओं और जांचों का खर्च भी कवर किया जाता है। योजना में पात्र परिवार के सदस्यों की संख्या और उनकी आयु को लेकर कोई सीमा नहीं है तथा पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, पात्र उपचार के तहत अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तक की जांच और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 15 दिन तक के निर्धारित चिकित्सा खर्च भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थी राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत देशभर के पैनलबद्ध अस्पतालों में उपचार करवा सकते हैं। अस्पताल में भर्ती होने के समय लाभार्थियों को अपना आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड नंबर अथवा परिवार पहचान पत्र आईडी उपलब्ध करवानी होगी।

डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि पात्र परिवार चिरायु योजना के आधिकारिक पोर्टल https://chirayuayushmanharyana.in/ के माध्यम से वार्षिक अंशदान का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। लाभार्थियों के कार्ड सरकारी अस्पतालों, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), गांव स्तर पर कार्यरत सीएससी ऑपरेटरों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से बनाए जाएंगे। प्रत्येक कार्ड एक वर्ष के लिए वैध होगा। इसकी वार्षिक नीति अवधि 1 नवंबर से अगले वर्ष 31 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है।

उन्होंने कहा कि कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस), रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं अथवा अन्य निर्दिष्ट सरकारी चिकित्सा योजनाओं के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने वाले व्यक्ति निर्धारित नियमों के अनुसार इस विस्तारित योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। इसी प्रकार, हरियाणा सरकार के वे कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके आश्रित, जो सरकार से चिकित्सा प्रतिपूर्ति या कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त करने के हकदार हैं, योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। अन्य राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के ऐसे कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके आश्रित, जिन्हें अपनी संबंधित सरकारों से चिकित्सा लाभ मिलते हैं, भी पात्र नहीं होंगे।

डीसी ने बताया कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिरायु योजना के तहत पहले से ही 1.80 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की सत्यापित वार्षिक आय वाले पात्र परिवार 1,500 रुपये के वार्षिक अंशदान पर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अब 3 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों को भी योजना से जोड़ने से राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और जरूरत के समय परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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