किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन ने छह गांवों में की नुक्कड़ बैठकें
मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप, रैली में भागीदारी का आह्वान

उकलाना, 28 अक्टूबर। अखिल भारतीय किसान सभा और अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन की बरवाला-उकलाना कमेटी ने एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की रैली की तैयारियों को लेकर विभिन्न गांवों में जनसंपर्क किया। पाबड़ा, कनोह, बालक, दौलतपुर, फरीदपुर और कंडूल में नुक्कड़ बैठकें कर ग्रामीणों से रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया और अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला प्रधान डॉ. मियां सिंह बिठमड़ा ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के खिलाफ होने वाली रैली को लेकर लोगों में उत्साह है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण के नाम पर गरीब, दलित, आदिवासी, महिला, प्रवासी मजदूर और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।

दोनों नेताओं ने कहा कि आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज होने के बावजूद लोगों को बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि रोजगार की तलाश में लंबे समय से दूसरे स्थानों पर रहने वाले लोगों, पुराने अभिलेखों में नाम संबंधी त्रुटियों वाले परिवारों तथा आपदाओं में दस्तावेज गंवा चुके नागरिकों के लिए पुराने प्रमाण जुटाना कैसे संभव होगा।
पूनिया और बिठमड़ा ने वर्ष 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाने, नए मतदाताओं के पंजीकरण के प्रपत्र छह में बदलाव तथा नाम हटाने के लिए प्रपत्र सात के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ उठाया जा रहा है। नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसकी स्वायत्तता सुनिश्चित करने की मांग की।
वक्ताओं ने एसआईआर को समाप्त कर पहले की तरह मतदाता सूची का नियमित संशोधन करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई। साथ ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव, आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू करने, धनबल और बाहुबल पर रोक लगाने तथा चुनावी खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने की मांग की।
बैठकों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव रोहतास राजली, किसान नेता मास्टर फूल सिंह, सत्यवान रेढू, मास्टर बलराज सिंह बालक, सतबीर बलोदा, रघबीर दौलतपुर, दरवेश प्रधान फरीदपुर, राम मेहर फरीदपुर, मजदूर नेता पाले राम कंडूल और रामफल बालक ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।








