-जिस समस्या से जनता रोज जूझ रही, उस पर बात तक नहीं होती
-महीनों तक गड्ढे झेलते हैं लोग, फिर पैचवर्क के नाम पर होती है खानापूर्ति
-पैचवर्क में भी घटिया सामग्री होती है इस्तेमाल
-पुराने गुडग़ांव की सडक़ें गड्ढों में तब्दील, कब नई बनेंगी यहां की सडक़ें
-विधायक बनकर 100 दिन में शहर की बदहाली सुधारने के दावे भी हुए फेल
गुडग़ांव। कांग्रेस के गुडग़ांव जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग की है कि जिस तरह बिल्डर द्वारा सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) का उचित संचालन नहीं किए जाने पर गुरुग्राम के दो क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारियों को सस्पेंड किया है, उसी तरह गुरुग्राम को डूबोने और गड्ढों में धकेलने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी सख्त एक्शन लें। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में जनता रोजाना जिन समस्याओं से हमेशा जूझती रहती है, उस पर सरकार में बात तक नहीं होती। शहर की अधिकांश सडक़ें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। महीनों तक लोग गड्ढे झेलते हैं और फिर पैचवर्क के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर दी जाती है।
पंकज डावर ने कहा कि पुराने गुडग़ांव की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कई इलाकों की सडक़ें पूरी तरह टूट चुकी हैं। कहीं सडक़ ही नहीं बची, सिर्फ गड्ढे हैं। बरसात के दिनों में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पैचवर्क में भी घटिया सामग्री इस्तेमाल की जाती है। ठेकेदार कुछ ही दिन में उखडऩे वाला मटेरियल डालकर चले जाते हैं और अधिकारी आंख मूंद लेते हैं। जनता के करोड़ों रुपये के टैक्स का पैसा इस पैचवर्क के खेल में बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने विधायक बनकर 100 दिन में शहर की बदहाली सुधारने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन 100 दिन तो छोडि़ए, साल बीतने को है, सडक़ों की हालत जस की तस बनी हुई है। पुराने गुरुग्राम को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। डावर ने सवाल उठाया कि आखिर कब पुराने गुडग़ांव की सडक़ें नई बनेंगी? जीएमडीए, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच फाइलों का खेल चलता रहता है और जनता पिसती रहती है। सडक़ें किस विभाग की हैं, इसी में महीनों निकल जाते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि. शहर की सभी सडक़ों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। पैचवर्क के नाम पर हो रही लूट की जांच हो और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। जलभराव के स्थाई समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाए। पंकज डावर ने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक राजधानी है, यहां से सरकार को सबसे ज्यादा रेवेन्यू मिलता है, लेकिन बदले में जनता को टूटी सडक़ें, जलभराव और धूल ही मिल रही है।







